रायपुर। छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला एक बार फिर गरमाया। नई राजधानी स्थित धरना स्थल पर पिछले 4 दिनों से भूखे रहकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन कर रहे युवाओ ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों में बैचैनी बढ़ा दी है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के विरोध में आमरण अनशन कर रहे युवाओं की हालत बिगड़ गई है। आमरण अनशन के चलते 6 में से 3 युवकों की तबीयत ख़राब हुई। देर रात 3 युवाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया। युवकों का मेकाहारा अस्पताल में इलाज जारी है। आमरण अनशन पर बाकी युवक और साथी बैठे हुए हैं।
आपको बता दें कि फर्जी डिग्री वालों को बर्खास्त करने की मांग पर 5 दिनों से आमरण अनशन पर युवक बैठे हैं। इस आमरण अनशन पर SC, ST के युवा बैठे हैं। दरसल यह पूरा मामला तब का है जब छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ था तब से अब तक फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी एवं राजनीतिक लाभ लेने की शिकायत की गई थी। जिस पर सरकार ने शिकायतों के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय छानबीन समिति गठित की।
छानबीन समिति ने उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति ने 700 शिकायतों की जांच की जिसमें से 267 ऐसे मामले थे जिसमें शिकायतें सही पाई गई जो फर्जी जाति के सहारे नौकरी एवं राजनैतिक लाभ ले रहे हैं। जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 25.11.2020 को ऐसे लोग जो फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ उठा रहे है उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश दिए गए।




