भिलाई: भगवान शंकर के प्रिय महीने सावन में महादेव को जल अर्पित करने का अलग ही महत्व होता है। शिवालयों में जलाभिषेक करने भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। सावन के पहले सोमवार में प्राचीन देवबलौदा मंदिर में हर -हर महादेव, बोल बम के पंचाक्षरी जयघोष के साथ शिवालयों में भक्तों ने महादेव को जल अर्पित किया। कई कांवड़िएं भी जल लेकर यंहा पहुंचे। छःमासी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध देवबलौदा के शिव मंदिर पर भक्तों की काफी आस्था है। भक्तों का कहना है कि भोलेनाथ के इस द्वार से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। सुबह 4: बजे से ही मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है जो कि रात तक चलता है।
देवबलौदा के इस प्राचीन मंदिर में राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग जिले के आसपास के कई शहरों और गांवों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। भक्तों का कहना है कि इस मंदिर में उनकी अनेक मनोकामना पूरी हुई है। भक्तों की माने तो मंदिर में महादेव की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ कुछ लोग शिव भक्तों की सेवा में भी लगे हैं। देवबलौदा के युवा महादेव सेवा संगठन मिलाकर 2017 से शिवभक्तों की सेवा में लगे हैं। संगठन के रवि कुमार ने बताया कि वह हर सोमवार यहां पर निशुल्क चाय की सेवा करते हैं इसके साथ ही कांवड़ियों के लिए भोजन का इंतजाम भी करते हैं उन्होंने बताया कि इस ग्रुप में गांव के ही कई युवा जोड़े हैं जो अपनी सेवा दे रहे हैं।




