अंबिकापुर: उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर दिखने लगा है। आलम ये है कि सरगुजा संभाग में शहरी क्षेत्र में पारा 6 डिग्री के नीचे और पठारी इलाकों में 4 डिग्री के नीचे तक पहुंच गया है यही कारण है कि मैनपाट और सामरी पाठ जैसे इलाकों में ओस की बूंदे जम रही है और पूरा संभाग शीतलहर की चपेट में है। दरअसल सरगुजा अपने ठंड के लिए जाना जाता है और अब इसका असर सरगुजा संभाग में नजर आ रहा है। 15 दिसंबर की सुबह अंबिकापुर शहर का तापमान करीब 6 डिग्री के नीचे पहुंच गया जिससे लोग जहां ठंड से ठिठुरते नजर आए तो वहीं गर्म कपड़ों के साथ अलाव का सहारा लेकर लोग अपने दिनचर्या में जुटे रहे।
ठंड ने छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट और सामरी पाठ जैसे पठारी इलाकों का मौसम गुलजार कर दिया है। मैनपाट से जो तस्वीर सामने आई है, वह काफी मनमोहक थी। यहां सुबह-सुबह ओस की बुंदे जमी हुई। ऐसे में मैनपाट जैसे पर्यटन इलाकों में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन इलाकों में ठंड का कहर और बढ़ेगा और लोग ठंड से कपकपाते हुए नजर आएंगे।
बता दें कि कभी-कभी ठंड इतनी ज्यादा पड़ती है कि मैनपाट में 0 डिग्री के करीब भी पारा पहुंच जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यहां ठंड से जहां एक तरफ लोगों के जनजीवन में प्रभाव पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ इन इलाकों में पर्यटकों की संख्या में भी तेजी से इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है।




