अख्तर ने भी कही थी ये बात
मौजूदा टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आठ साल पहले फाइनल हारने वाली टीम में शामिल थे। विराट, रोहित और जडेजा का संभवत: यह अंतिम वनडे टूर्नामेंट होगा और ये तीनों इस बार पाकिस्तान को हराकर उनके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को ध्वस्त करना चाहेंगे।
पाकिस्तान के लिए अहम मैचन्यूजीलैंड से मिली हार के बाद अगर पाकिस्तान यह मुकाबला भी हार जाती है तो उसके अंतिम चार में पहुंचने की संभावना न के बराबर होगी। ऐसे में पाकिस्तानियों के मन में पिछले वर्ष वेस्टइंडीज और अमेरिका में हुए टी-20 विश्व कप की तरह ही यहां से भी ग्रुप चरण में बाहर होने की घबराहट होगी।
प्रचंड फॉर्म में हैं गिलशुभमन गिल इन दिनों वनडे क्रिकेट की ‘रन मशीन’ साबित हो रहे हैं और उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैच कहां खेला जा रहा है या विरोधी टीम कौन सी है। इंग्लैंड के विरुद्ध घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद दुबई में बांग्लादेश के विरुद्ध भारत के पहले मैच में उनके सामने चुनौती अलग थी। पिच धीमी थी और गेंदबाज लगातार बल्लेबाजों की कमियां तलाश रहे थे।
इसके बावजूद गिल ने आठवां वनडे शतक जड़ा और भारत को छह विकेट से जीत दिलाई। उन्होंने 125 गेंद में शतक पूरा किया जो उनका सबसे धीमा शतक है लेकिन शायद यह उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी भी। बरसों से भारतीय बल्लेबाजी की धुरी रहे रोहित शर्मा और विराट कोहली के करियर के अंतिम दौर में गिल का फार्म भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के विरुद्ध आगामी मैचों में भारत को उनसे इसी प्रदर्शन की जरूरत होगी।
बांग्लादेश के विरुद्ध उन्होंने कुछ बेहतरीन स्ट्रोक्स लगाए जिसमें तेज गेंदबाज तंजीम हसन को लगाया पुल शॉट शामिल हैं। स्पिनरों और तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भी उन्होंने सहजता से खेला और इस दौरान 52 गेंद में 30 रन ही बनाए, लेकिन उस समय विकेट बचाकर खेलना ज्यादा आवश्यक था।
गिल ने मैच के बाद कहा, “यह मेरे करियर की सबसे संतोषजनक पारियों में से एक थी। मुझे अंत तक टिककर खेलना था और मैंने वही कोशिश की।”
शमी ने पूरी की बुमराह की कमीचैंपियंस ट्रॉफी से पहले जसप्रीत बुमराह का बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका था और दूसरी टीमों ने भी राहत की सांस ली थी। खुद बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हसन शांतों भी बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय टीम को हराने की संभावनाएं तलाश रहे थे, लेकिन चोट से वापसी कर रहे मोहम्मद शमी पर किसी का ध्यान ही नहीं था। इंग्लैंड के विरुद्ध टी-20 और वनडे सीरीज में बेहद साधारण दिख रहे शमी ने पहले ही मैच में पांच विकेट झटककर दिखा दिया कि उनकी अगुआई में भारतीय तेज गेंदबाजी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
शमी ने बुमराह की कमी महसूस नहीं होने दी और दूसरे छोर से हर्षित राणा ने उनका भरपूर साथ दिया। अब पाकिस्तान के विरुद्ध भी भारतीय टीम को अपने इस सदाबहार गेंदबाज से सबसे ज्यादा उम्मीदें होंगी, वहीं पाकिस्तानी खेमा भी शमी के विरुद्ध रणनीति बनाने में जुट गया होगा।