बिहार : बिहार वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने साल 2025 का बजट विधानमंड के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि 2005 में जब नीतीश कुमार की सरकार बनी थी तो मात्र 23 हजार 8 सौ करोड़ का प्रावधान किया गया था। डबल इंजन सरकार के चालू वित्तीय वर्ष के बजट का आकार तीन लाख 17 हजार करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और इसमें केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बजट में बिहार पर खास ध्यान देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार इस वित्तीय वर्ष में 22819 करोड़ रुपये का लोन चुकाएगी। इसमें से 1600 करोड़ केंद्र को देना है। बाकी पहले के लोन के हैं। पंचायती राज निकाय के लिए 4012 करोड़ और नगर निकाय के लिए 2160 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। बिहार को केंद्र से टैक्स हिस्सेदारी के रूप में इस साल 1 लाख 38 हजार 515 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह पिछले साल के 1.13 लाख करोड़ की तुलना में ज्यादा है।
उन्होंने बताया कि बजट में शिक्षा विभाग पर 60974 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग पर 20335 करोड़ रुपये, सड़कों पर 17908 करोड़ रुपये, गृह विभाग को 17831 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 16043 करोड़, ऊर्जा विभाग को 13484 करोड़, समाज कल्याण विभाग, एससी एसटी, अल्पसंख्यक, पिछड़ा, अति पिछड़ा 13 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार एमएसपी पर अरहर, मूंग और उड़द की दाल खरीदेगी। राज्य भर में कोल्ड स्टोरेज खोले जाएंगे। सुधा की तर्ज पर सभी प्रखंडों में सरकारी सुविधा आउटलेट खोले जाएंगे और कृषि उत्पादों की मार्केटिंग के लिए व्यवस्था की जाएगी। सभी प्रखंडों में सब्जी उत्पादक समिति का गठन इस साल कर लिया जाएगा।
गरीब कन्याओं के विवाह हेतु कन्या विवाह मंडप का निर्माण किया जाएगा। पटना में महिला हाट खुलेगा, अन्य सभी बड़े शहरों के बाजारों में महिलाओं के लिए विशेष सुविधा दी जाएगी। महिलाओं के लिए जिम खोले जाएंगे और उनके लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वस्थ वातावरण देने के लिए हॉस्टल खुलेंगे। सभी जिलों में बस स्टैंड को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जाएगा जहां महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष प्रबंध किया जाएगा। शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बस चलाई जाएंगी जिनमें ड्राइवर और कंडक्टर महिलाएं हीं होंगी।
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति तैयार हो रही है, इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बिहार का आर्थिक विकास के साथ ही रोजगार पैदा होंगे। बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति 2025 लाई जाएगी जो फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बिहार फार्मास्यूटिकल प्रोमोशन पॉलिसी 2025 लागू की जाएगी।प्लास्टिक विनिर्माण के लिए बिहार प्लास्टिक विनिर्माण नीति लागू होगी।
शहरी क्षेत्रों में वंचित वर्ग के लिए स्लम क्षेत्रों का विकास के लिए 108 चिकित्सा केंद्र खुलेंगे। बिहार कैंसर केयर सोसायटी की स्थापना की जाएगी। बेगूसराय में कैंसर के सर्वाधिक मरीजों की संख्या को देखते हए जिले में एक कैंसर अस्पताल खुलेगा। सीएम पिछड़ा और अति पिछड़ा प्री मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत दोगुना होगी। इस पर 875 करोड़ रुपये का खर्च होंगे।एससी-एसटी के छात्रों को मिलने वाली प्री मैट्रिक छात्रवृति दोगुनी होगी की जाएगी जिसपर 260 करोड़ रुपये सालाना खर्च होंगे।