अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंह देव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को मरीजों और उनके परिजनों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा.
अस्पताल के सफाई कर्मियों ने ठेका प्रथा बंद करने की मांग को लेकर सफाई व्यवस्था ठप करते हुए धरना प्रदर्शन किया. इसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज के डीन व अधीक्षक मौके पर पहुंचे और सफाई कर्मियों को समझाने लगे…
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई करने वाले 200 कर्मियों को जब पता चला कि अब वे ठेकेदार के अंदर काम करेंगे और उनका वेतन अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ना देकर ठेकेदार देगा, इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने कामकाज ठप्प करते हुए धरना प्रदर्शन करने लगे. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठप्प होने से हड़कंप मच गया. अंततः मेडिकल कॉलेज के डीन और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद सफाई कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि उनके साथ कुछ भी ऐसा नहीं होने वाला है.
इस समिति से मिलता है वेतन
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जो पहले जिला अस्पताल था, वहां पर कलेक्टर सरगुजा के दौरान तकरीबन 20 वर्षों पहले जीवन दीप समिति का गठन किया गया था, जिसका अध्यक्ष कलेक्टर होता है. ऐसे में वहां काम करने वाले सफाई कर्मियों सहित चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को जीवन दीप समिति के माध्यम से वेतन का भुगतान किया जा रहा है. लेकिन, 2025 से मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन इसे बदलना चाहती है और अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठेकेदार के माध्यम से कराना चाहती हैं.
मेडिकल कॉलेज डीन ने कही ये बात
इस पूरे मामले को लेकर राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंह देव मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिसको लेकर उन्होंने समझा दिया गया है. डीन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में राज्य सरकार के आदेश के तहत ही काम होते हैं और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी होगा.