म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। मंगलवार को भूकंप के तेज झटके दो बार महसूस किए गए हैं। इनमें से सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई है।
नुकसान की कोई खबर नहीं
एनसीएस के मुताबिक, पहले भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई, जो भारतीय समयानुसार शाम को 4 बजकर 31 मिनट पर आया। भूकंप की तीव्रता 4.7 रही। शाम को आए दूसरे भूकंप की तीव्रता 4.5 थी, जो भारतीय समयानुसार रात 8 बजकर 57 मिनट पर दर्ज की गई। इन भूकंपों से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। फिलहाल लगातार धरती के कांपने से लोग डरे हुए हैं।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
बता दें कि, म्यांमार में पिछले सप्ताह आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,700 से अधिक हो गई है जबकि हजारों लोग घायल है। वहीं, अब मलबे में दबे लोगों के जीवित बचे होने की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आपदा के 72 से अधिक घंटों के बाद जीवित बचे लोगों के मिलने की संभावना कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
अब तक कितने लोगों की हुई मौत
‘वेस्टर्न न्यूज’ वेबसाइट पर जारी खबर के अनुसार, म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख एवं वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने राजधानी नेपीता में बताया कि भूकंप के कारण अब तक 2,719 लोगों की मौत हो गई है जबकि 4,521 व्यक्ति घायल हैं और 441 लापता हैं।
म्यांमार में हुई भारी तबाही
म्यांमार में आए भूकंप ने देश के बड़े हिस्सों को प्रभावित किया है जिससे कई क्षेत्रों में बिजली, टेलीफोन या मोबाइल फोन कनेक्शन ठप हो गए तथा सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण आपदा से हुए नुकसान का आकलन करना मुश्किल हो गया है। म्यांमा के लिए यूनिसेफ की उप प्रतिनिधि जूलिया रीस ने कहा, ”जरूरतें बहुत बड़ी हैं और हर घंटे यह बढ़ती जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि भूकंप से प्रभावित हुए क्षेत्रों में परिवारों को स्वच्छ पानी, भोजन और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।”
अग्निशमन विभाग ने क्या कहा?
म्यांमार के अग्निशमन विभाग ने बताया कि भूकंप के केंद्र मांडले में 403 लोगों को बचाया गया है और अब तक 259 शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक इमारत के ढह जाने के बाद 50 बौद्ध भिक्षुओं की मौत हो गई जबकि 150 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।