यरुशलम : इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन के युद्ध के बाद मंगलवार तड़के उसके विराम की घोषणा हो गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध विराम पर सहमति जताने के बाद मंगलवार को ऐतिहासिक जीत की घोषणा की और जोर देकर कहा कि उनके देश का कट्टर दुश्मन कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की यह टिप्पणी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा यह कहे जाने के बाद आई कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत पर लौटने को तैयार है। हालांकि, पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए अपने वैध अधिकारों का दावा करना जारी रखेगा।
नेतन्याहू ने ईरान को दी खुली धमकीपेजेशकियन के बयान के बाद नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के हाथ कभी भी परमाणु हथियार नहीं लगने देंगे। हमने ईरान की परमाणु परियोजना को विफल कर दिया है। और अगर ईरान में कोई भी इसे फिर से बनाने की कोशिश करता है, तो हम किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए उसी दृढ़ संकल्प और उसी तीव्रता के साथ काम करेंगे।
ट्रंप ने कतर के अमीर को फोन कर यह सूचना दी कि इजरायल ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और दोहा से तेहरान को मनाने में मदद करने का अनुरोध किया। इसके बाद कतर के प्रधानमंत्री ने ईरानी अधिकारियों से बातचीत की।
उन्होंने कहा, ”हमें उम्मीद है कि संघर्ष विराम जारी रहेगा और हम अमेरिका और ईरान दोनों से आग्रह करते हैं कि वे बातचीत की टेबल पर लौट आएं।”
तेहरान ने कतर में एक सैन्य बेस को निशाना बनायाउन्होंने यह भी बताया कि ईरानी राष्ट्रपति ने कतर के शासक अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ फोन पर बातचीत में खेद व्यक्त किया कि अमेरिका के हवाई हमले के जवाब में तेहरान ने कतर में एक सैन्य बेस को निशाना बनाया।




