धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है. धान की रोपाई के बाद अब खेतों में धान की देखभाल और फसल की वृद्धि की प्रक्रिया शुरू होती है. ऐसे में किसानों को नियमित रूप से खेतों की निगरानी करनी होगी, ताकि जलवायु और कीटों से फसल को बचाया जा सके. साथ ही उचित खाद और पानी की मात्रा देने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होगी.
परंतु कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो अपनी फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने और रोग कीट से बचाव के लिए खेतों में नमक का प्रयोग करते हैं. क्योंकि नमक में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो धान की फसल को रोग और कीट से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं. तो आइए कृषि विशेषज्ञ से जानते हैं. धान की फसल में नमक का छिड़काव करने से फसल को क्या फायदा होता है और क्या नुकसान होता है?
कृषि के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी कृषि शिवशंकर वर्मा (बीएससी एजी डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद) बताते हैं कि किसान अपनी धान की फसल को कीट और रोग से बचाव के साथ ही अधिक उपज प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार की रासायनिक और जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करने के साथ ही तरह-तरह के रासायनिक और जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं. जिससे उनकी फसल रोग और कीट मुक्त रहे. उन्हें अच्छी पैदावार मिल सके.
यह है फायदा
शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि धान की फसल में नमक का छिड़काव करने से फसल में लगने वाले जड़ गलन, खैरा रोग से बचाव एवं खेत में नमी बनी रहती है. क्योंकि धान की फसल के लिए पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है.
नमक छिड़काव से यह है नुकसान
खेतों में नमक का छिड़काव करने से रोग से फसल का बचाव तो होता है. परंतु लगातार इसका छिड़काव करने से हमारे खेत की मिट्टी बंजर होने लगती है. जिसका सीधा प्रभाव हमारे फसल उत्पादन पर पड़ता है. इसका ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने पर खेत की मिट्टी का पीएच मान बढ़ जाता है और भूमि में लवणीय तत्वों की मात्रा में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है. इसीलिए जरूरी है कि फसल में किसी भी कीटनाशक और रसायन का प्रयोग करने से पहले कृषि विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए. कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही उचित मात्रा में इन सभी चीजों का प्रयोग करना चाहिए.
खेतों में नमक का छिड़काव करने से रोग से फसल का बचाव तो होता है. परंतु लगातार इसका छिड़काव करने से हमारे खेत की मिट्टी बंजर होने लगती है. जिसका सीधा प्रभाव हमारे फसल उत्पादन पर पड़ता है. इसका ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने पर खेत की मिट्टी का पीएच मान बढ़ जाता है और भूमि में लवणीय तत्वों की मात्रा में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है. इसीलिए जरूरी है कि फसल में किसी भी कीटनाशक और रसायन का प्रयोग करने से पहले कृषि विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए. कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही उचित मात्रा में इन सभी चीजों का प्रयोग करना चाहिए.




