फूलों का व्यापार एक ऐसा व्यवसाय है जिसकी मांग साल के 12 महीने होती है, जबकि शादी-विवाह के समय में फूलों की मांग दोगुनी हो जाती है. इस वजह से फूलों के व्यापार में लगे हुए लोग तगड़ा मुनाफा कमाते हैं. फूल एक ऐसी चीज है, जिसका उपयोग पूजा-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शादी-विवाह से लेकर हर तरीके के कार्यक्रमों में किया जाता है.
यही कारण है कि किसान फूलों की व्यावसायिक खेती करते हुए बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. आजमगढ़ में कई किसान अपने खेतों में फूलों की खेती कर रहे हैं और अपने जिले के साथ-साथ आसपास के अन्य जिलों में इसकी सप्लाई भी कर रहे हैं, जिससे वे व्यावसायिक तौर पर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.
व्यावसायिक रूप से फूलों की खेती करने के लिए आमतौर पर गेंदा और जरबेरा के फूलों की खेती की जाती है. आजमगढ़ में भी इन फूलों की खेती करते हुए बढ़िया मुनाफा कमाया जा सकता है. खेतों में जिस तरीके से गेंदे के फूलों की पैदावार की जाती है, कुछ उसी तरीके के आधार पर हम अपने खेतों में जरबेरा किस्म की पैदावार भी कर सकते हैं. इसके लिए व्यावसायिक रूप से कुछ विशेष इंतजाम करने की आवश्यकता होती है, जिससे फूलों की व्यावसायिक मांग की आपूर्ति के लिए भारी संख्या में पैदावार प्राप्त की जा सके.
आजमगढ़ में जरबेरा फूलों की खेती कर रहे किसान अभिनव सिंह बताते हैं कि इस फूल की खेती बड़े पैमाने पर भी की जा सकती है. इसके अलावा किसान अपने खेत में इसे कम लागत में भी शुरू कर सकते हैं
गेंदे के फूल की पैदावार की तरह इसे हम अपने खेतों में आसानी से लगा सकते हैं. इसके लिए हमें समय-समय पर पौधों में नमी की मात्रा का विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होती है. इन फूलों की अच्छी पैदावार के लिए पॉलीहाउस बनाने की आवश्यकता होती है, हालांकि पॉलीहाउस लगाने के लिए अतिरिक्त खर्च की जरूरत होती है. शुरुआत में छोटे पैमाने पर बिना पॉलीहाउस के भी सही देखरेख में जरबेरा की खेती की जा सकती है.
व्यावसायिक तौर पर जरबेरा फूलों की मार्केट में जबरदस्त डिमांड होती है. मुख्य रूप से इस फूल की खेती बनारस में की जाती है. इसके अलावा, आजमगढ़ में भी किसान अब इस फूल की व्यापक खेती करते हुए बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. जरबेरा के फूलों की मार्केट में खूब डिमांड होती है. यह फूल शादी, रिसेप्शन आदि जैसे कई फंक्शनों में सजावट के लिए उपयोग किए जाते हैं. इसके अलावा त्योहारों में भी इन फूलों की खूब मांग रहती है.
किसान अभिनव सिंह बताते हैं कि इस तरह के फूलों की व्यावसायिक खेती करने के लिए सरकारी योजनाओं का भी लाभ लिया जा सकता है, जिसमें कुल लागत का लगभग 50% तक सब्सिडी सरकार की तरफ से मिल जाती है. उन्होंने बताया कि एक फूल को बीज से लेकर फूल बनने तक लगभग तीन रुपए की खपत आती है और मार्केट में एक फूल की कीमत लगभग 7 रुपए तक आसानी से मिल जाती है. ऐसे में अगर एक एकड़ में इन फूलों की खेती की जाए तो फूल तैयार होने के बाद रोजाना 4 से 5 हजार तक का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है.




