नई दिल्ली : दुनिया के लाखों लोगों की तरह आप भी शायद अपनी सुबह की शुरुआत एक कप कॉफी के साथ करते होंगे, या फिर दिनभर में काम के बीच कभी न कभी तो कॉफी ब्रेक जरूर लेते होंगे।
जी हां, यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए एनर्जी का सोर्स और दिन भर की थकान मिटाने का एक तरीका होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके इस पसंदीदा कप का आपके ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है ? आइए, इस गहरे राज से पर्दा उठाते हैं और जानते हैं रोज पी जाने वाली कॉफी आपके शरीर पर क्या असर डाल सकती है।
कॉफी के अन्य एंजाइम: कॉफी में सिर्फ कैफीन ही नहीं होता, बल्कि कई अन्य बायोएक्टिव यौगिक जैसे एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम भी होते हैं। ये तत्व शरीर में सूजन को कम करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में ब्लड शुगर में सुधार होता है।
ब्लैक कॉफी बनाम मीठी कॉफी: सारा खेल इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप अपनी कॉफी में क्या मिलाते हैं। अगर आप चीनी, क्रीम या फ्लेवर्ड सिरप जैसी चीजें मिलाते हैं, तो यकीनन यह आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकती है, लेकिन बिना चीनी और दूध की ब्लैक कॉफी में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होते हैं।
इसके अलावा, हर व्यक्ति का शरीर कैफीन के प्रति अलग तरह से रिएक्ट करता है। कुछ लोगों में कैफीन से ब्लड शुगर में मामूली बढ़ोतरी दिख सकती है, जबकि दूसरों पर इसका कोई खास असर नहीं होता। डायबिटीज वाले लोगों के लिए, यह असर थोड़ा ज्यादा हो सकता है। साथ ही, कॉफी पीने का समय और मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए सलाह
अगर आपको डायबिटीज है या आप अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- ब्लैक कॉफी चुनें: अगर आप कॉफी पीना चाहते हैं, तो बिना चीनी और दूध वाली ब्लैक कॉफी सबसे अच्छा ऑप्शन है।
- मात्रा का ध्यान रखें: सीमित मात्रा में ही कॉफी का सेवन करें। ज्यादा कैफीन से नींद पर असर पड़ सकता है, जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी प्रभावित कर सकता है।




