दुनियाभर में चल रहे युद्धों और संघर्षों की कीमत महिलाओं और लड़कियों को चुकानी पड़ रही है। एक साल से लेकर 75 साल तक की महिलाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा के मामले 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
रिपोर्ट की काली सूची में एक दर्जन देशों के 63 सरकारी और गैर-सरकारी पार्टियों के नाम हैं, जिन पर संघर्ष के दौरान दुष्कर्म और अन्य प्रकार की यौन हिंसा के लिए जिम्मेदार होने या इसके लिए जिम्मेदार होने का संदेह है। इनमें हमास के आतंकवादी भी शामिल हैं।
इजरायल और रूस को चेतावनी पहली बार रिपोर्ट में इजरायल और रूस को भी यौन हिंसा के लिए जिम्मेदार बताया है।
इजरायल की सेना पर यूएन ने लगाए आरोप
यूएन ने चेताया है कि इन दोनों देशों को अगले वर्ष की काली सूची में डाला जा सकता है। यूएन के मुताबिक इजरायल की सेना और सुरक्षा बल पर मुख्य रूप से जेलों और हिरासत में कैद फलस्तीनियों के यौन शोषण के आरोप हैं। वहीं रूसी सेना और संबद्ध सशस्त्र समूह पर यूक्रेनी युद्धबंदियों के खिलाफ यौन अत्याचार के आरोप हैं। हालांकि इजरायल ने यूएन के आरोपों पर कहा कि ये पक्षपात से भरे हुए हैं, वहीं रूस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।




