नई दिल्ली : सनातन धर्म में छठ पूजा का खास महत्व है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। इस दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा एवं साधना की जाती है। इस पर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है। वहीं, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का समापन होता है। आइए, छठ पूजा की सही डेट एवं मुहूर्त जानते हैं-
छठ पूजा का महत्व
बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत नेपाल के कई हिस्सों में लोक आस्था का महापर्व छठ मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर आत्मा के कारक सूर्य देव की पूजा एवं साधना की जाती है। छठ पूजा के दौरान षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। वहीं, सप्तमी तिथि को उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है। व्रती (महिलाएं और पुरुष) खरना की रात से उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने तक निर्जला उपवास रखती हैं। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।
- कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
- कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि यानी 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।




