नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन की यात्रा पर हैं। चीन में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। आज चीन के तियानजिन में पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग से मुलाकात की।
दरअसल, जहां एक ओर एक तरफ दुनिया उथल-पुथल से जूझ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम समेत कुछ बेतुके फैसलों ने ना-उम्मीदी का माहौल पैदा कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच नियमित रूप से कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं। 140 करोड़ भारतीय इस वर्ष दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन के लिए आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई और विस्तार को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने बेहतर कनेक्टिविटी पर दिया जोरआज भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है। मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं। उन्होंने कहा कि संप्रभुता को दरकिनार करने वाली कनेक्टिविटी विश्वास और अर्थ खो देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत कनेक्टिविटी न केवल व्यापार को बढ़ावा देती है, बल्कि विकास और विश्वास के द्वार भी खोलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी पहलों पर काम कर रहे हैं। इससे हमें अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) के सदस्यों के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं इस दुख की घड़ी में हमारे साथ खड़े होने वाले मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि हम अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य विश्वास-निर्माण तंत्र स्थापित करने वाले पहले देश थे, जिसने हमारी विस्तृत सीमाओं को मित्रता, पारस्परिक विश्वास और सहयोग के बंधन में बदल दिया। हम आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन शक्तियों के विरुद्ध बहुपक्षीय कार्रवाई करने वाले पहले देश थे। हमने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया।
एक मंच पर दिखे तीनों बड़े नेताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतन एससीओ के मंच पर एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ आपस में मुलाकात की। तीनों देशों के बीच ट्रायो डिप्लोमेसी देखने को मिली। इन तस्वीरों में एक साथ एक बड़ी ताकत दिखी।
पुतिन से मिले पीएम मोदीरविवार को चीन के तियानजिन शहर में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति के द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इसी कड़ी में आज यानी सोमवार को पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात की है। इस दौरन चीन के भी राष्ट्रपति उपस्थित रहे।




