नई दिल्ली : बिहार के बाद चुनाव आयोग अब देश भर में एक साथ मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर ) का अभियान शुरू करेगा। आयोग ने यह योजना विपक्षी दलों की ओर से अकेले बिहार में एसआईआई कराए जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बाद बनाई है। जिसे लेकर वह जल्द ही फैसला ले सकता है।
इस सिलसिले में आयोग ने देश भर के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (सीईओ ) की एक बैठक भी दस सितंबर को बुलाई है। जिसमें वह एसआईआई से जुड़ी तैयारियों को लेकर दिए गए निर्देशों सहित चुनाव सुधार से जुड़े कदमों के अमल की समीक्षा करेगा। आयोग इससे पहले बिहार के बाद उन राज्यों में एसआईआर कराने की तैयारी में था, जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले है।
आयोग का मानना है कि वह इसी पैटर्न पर अब देश भर में इसे अमल में ला सकता है। इस बीच एसआईआर को लेकर जो सवाल थे वह भी सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद अब किसी तरह का कोई सवाल नहीं रह गया है। आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को पहले ही एसआईआर की तैयारी करने के निर्देश दिए गए है। ऐसे में अगला फैसला उनके फीड़बैक व तैयारी को देखने के बाद दिया जाएगा।
लेकिन इस बीच जो संकेत मिल रहे है उसके तहत देश भर में एसआईआर कराने का ऐलान सितंबर के अंत तक किया जा सकता है। वैसे भी बिहार में एसआईआर का काम 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशित होने से साथ ही खत्म हो रहा है। गौरतलब है कि मतदाता सूची के एसआईआर में घर -घर जाकर मतदाताओं की जांच की जाती है। साथ ही उसने नए सिरे एक गणना फॉर्म भराया जाता है। इस दौरान उनका पता, फोटो, मोबाइल नंबर और आधार आदि की जानकारी ली जाती है।




