सिंतबर के महीने में कई किसान बुवाई करते हैं लेकिन आज के बदलते दौर में वे ऐसी फसलों को चुनते हैं जिससे उन्हें कम समय में ज्यादा मुनाफा हो. अगर आप खेती से जल्दी कमाई करना चाहते हैं तो धनिया आपके लिए सबसे बढ़िया विकल्प है. हरी पत्तियों से लेकर इसके बीज तक की मार्केट में सालभर डिमांड बनी रहती है. खास बात यह है कि सिर्फ 30-40 दिन में हरी पत्तियों की कटाई शुरू हो जाती है और बीज के लिए भी महज 90-120 दिन का समय लगता है. आइए, जानते हैं इसके बारे में.
क्या है धनिया और क्यों है खास?
धनिया एक पत्तेदार हरी फसल है, जिसका इस्तेमाल सब्जियों, दालों और सलाद में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसकी हरी पत्तियां और बीज, दोनों ही बाजार में आसानी से बिक जाते हैं. यही वजह है कि यह फसल छोटे किसानों से लेकर बड़े स्तर पर खेती करने वालों तक, सबकी पहली पसंद बन गई है.
धनिया एक पत्तेदार हरी फसल है, जिसका इस्तेमाल सब्जियों, दालों और सलाद में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसकी हरी पत्तियां और बीज, दोनों ही बाजार में आसानी से बिक जाते हैं. यही वजह है कि यह फसल छोटे किसानों से लेकर बड़े स्तर पर खेती करने वालों तक, सबकी पहली पसंद बन गई है.
लागत कितनी आती है?
धनिया की खेती में ज्यादा खर्च नहीं होता है. एक्सपर्ट हैप्पी सिंह का कहना है कि एक एकड़ जमीन पर धनिया बोने में 15 हजार से 23 हजार रुपये तक का खर्च आता है. इसमें बीज, खाद, पानी और मजदूरी सभी शामिल होते हैं. कम लागत की वजह से यह खेती छोटे किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. बशर्ते आपको खेती के दौरान कई बारीकियों को ध्यान में रखना होगा.
धनिया की खेती में ज्यादा खर्च नहीं होता है. एक्सपर्ट हैप्पी सिंह का कहना है कि एक एकड़ जमीन पर धनिया बोने में 15 हजार से 23 हजार रुपये तक का खर्च आता है. इसमें बीज, खाद, पानी और मजदूरी सभी शामिल होते हैं. कम लागत की वजह से यह खेती छोटे किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. बशर्ते आपको खेती के दौरान कई बारीकियों को ध्यान में रखना होगा.
कितने दिन में मिलती है फसल?
धनिया की खेती की सबसे बड़ी खूबी है कि यह जल्दी तैयार हो जाती है. हरी पत्तियों की कटाई सिर्फ 30-40 दिनों में शुरू हो जाती है. अगर आप बीज की फसल चाहते हैं तो आपको लगभग 90-120 दिनों तक इंतज़ार करना होगा. यानी किसान साल में कई बार इसकी बुवाई करके बार-बार मुनाफा कमा सकते हैं.
धनिया की खेती की सबसे बड़ी खूबी है कि यह जल्दी तैयार हो जाती है. हरी पत्तियों की कटाई सिर्फ 30-40 दिनों में शुरू हो जाती है. अगर आप बीज की फसल चाहते हैं तो आपको लगभग 90-120 दिनों तक इंतज़ार करना होगा. यानी किसान साल में कई बार इसकी बुवाई करके बार-बार मुनाफा कमा सकते हैं.
कितना मिलता है मुनाफा?
खर्चा भले ही कम हो, लेकिन मुनाफा बड़ा है. एक एकड़ धनिया की खेती से किसान को 1.2 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई हो सकती है. त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में धनिया की कीमत और भी बढ़ जाती है, जिससे किसानों की आमदनी (How to earn money from coriander) दोगुनी हो जाती है. देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी इलाकों में हरी धनिया की खूब मांग है. वहीं, अल्मोड़ा, नैनीताल, टिहरी और पौड़ी जैसे पहाड़ी जिलों में भी किसान इसे अन्य सब्जियों के साथ इंटरक्रॉपिंग करके अच्छा फायदा कमा रहे हैं.
खर्चा भले ही कम हो, लेकिन मुनाफा बड़ा है. एक एकड़ धनिया की खेती से किसान को 1.2 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई हो सकती है. त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में धनिया की कीमत और भी बढ़ जाती है, जिससे किसानों की आमदनी (How to earn money from coriander) दोगुनी हो जाती है. देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी इलाकों में हरी धनिया की खूब मांग है. वहीं, अल्मोड़ा, नैनीताल, टिहरी और पौड़ी जैसे पहाड़ी जिलों में भी किसान इसे अन्य सब्जियों के साथ इंटरक्रॉपिंग करके अच्छा फायदा कमा रहे हैं.
खेती से अमीरी का रास्ता
छोटे-छोटे बीज और हरी पत्तियां किसानों की जिंदगी बदल सकती हैं. कम निवेश और कम समय में तैयार होने वाली इस फसल की बदौलत किसान लाखों रुपये तक की आमदनी हासिल कर रहे हैं. यही वजह है कि धनिया की खेती अब सिर्फ एक साधारण सब्जी नहीं बल्कि अमीरी का रास्ता बनती जा रही है.
छोटे-छोटे बीज और हरी पत्तियां किसानों की जिंदगी बदल सकती हैं. कम निवेश और कम समय में तैयार होने वाली इस फसल की बदौलत किसान लाखों रुपये तक की आमदनी हासिल कर रहे हैं. यही वजह है कि धनिया की खेती अब सिर्फ एक साधारण सब्जी नहीं बल्कि अमीरी का रास्ता बनती जा रही है.




