Home छत्तीसगढ़ बलौदा बाजार में हुवा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

बलौदा बाजार में हुवा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

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कोलिहा (लवन) : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में वर्ष 2025 में तीसरी राष्ट्रिय लोक अदालत 13.09.2025 को आयोजित किया गया, जिसके तत्वाधान में श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला निविक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के मार्गदर्शन में अमिता जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के द्वारा जिला बलौदाबाजार में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका उद्‌घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया, जिसमे समस्त न्यायाधीशमण, कर्मचारीगण उपस्थित रहे है। सबसे हर्ष की बात यह ही कि उपस्थित पक्षकारो के द्वारा भी पूजा अर्चना कर नेशनल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता ली गई। जिला एवं सत्र न्यायालय एव व्यवहार न्यायालय भाटापारा, सिमगा, कसडोल में खण्डपीठ का गठन किया गया श्री अब्दुल जाहिद कुरेशी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री राकेश कुमार वर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, श्रीमती संजया रात्रे, द्वितीय अपर रात्र न्यायाधीश, श्री विवेक गर्ग, तृत्तीय अपर सत्र न्यायाधीश, श्री अशोक कुमार लाल, अपर सत्र न्यायाधीश भाटापास के अतिरिक्त न्यायाधीश, श्री प्रशात भास्कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सारिका नंदे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्वेता मिश्रा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती योगिता जागडे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती अकिता अग्रवाल एवं श्रीमती अकिता गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भाटापारा की खण्डपीठ थी।

न्यायालय में कुल प्री लिटिगेशन प्रकरण 8940 एवं लंबित प्रकरण 517 एच ट्रैफिक चालान 1747 अन्य पीटी अफेस 303 निराकृत हुये है।

कुटुम्ब न्यायालय बलौदाचाजार में भी खण्डपीठ का गठन किया गया जिसकी पीठासीन अधिकारी श्रीमती सरोज नंद दास के द्वारा 38 प्रकरणों का निराकरण किया गया। कुटुम्ब न्यायालय के खण्डपीठ के अधिकारी के प्रयासों से एक ऐसा मामला निराकृत हुआ जिसमे 67 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के द्वारा अपने तीन चच्चों के विरुद्ध भरण पोषण हेतु न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय के द्वारा नेशनल लोक अदालत में उनके बच्चों की समझाइस दी गई, जिसके उपरांत उनके तीनो बच्चे पिता के उचित देखभाल करने, समय पर भोजन, दवाई और ससम्मान पिता को साथ रखने का वचन दिया गया, जिसके आधार पर पिता के द्वारा बच्चों के साथ रहने की सहमती प्रदान की गई और आपसी मधुर संबंध स्थापित होने के आधार पर बुजुर्ग व्यक्ति के द्वारा प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण किया गया जो अत्यत सराहनीय रहा।

जिला बलौदाबाजार में राजस्व न्यायालयों में भी खण्डपीठ का गठन किया गया था जिसमें कुल 17777 प्रकरण स्खे गये थे जिसमे से 17723 प्रकरण का निराकरण किया गया है।

नेशनल लोक अदालत में उपस्थित पक्षकारों के लिये जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के साथ साथ व्यवहार न्यायालय सिमगा, भाटापारा एवं कसडोल में निः शुल्क चिकित्सा जांच की व्यवस्था की गई थी जिसका लाभ पक्षकारों के द्वारा किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बलौदाबाजार परिसर में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाये जाने हेतु शिविर का भी आयोजन किया गया था जिसमें अधिक से अधिक व्यक्तियों ने उपस्थित होकर लाभ प्राप्त किया।

न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले सभी पक्षकारों को मामले के समझौते वो पल की स्मृति के रूप में संयोचने के लिये निःशुल्क फलदार पौधों का वितरण किया गया, जिससे पक्षकारों के द्वारा पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।