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शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन दुर्लभ ‘इंद्र योग’ समेत बन रहे हैं कई मंगलकारी संयोग, बरसेगी देवी मां की कृपा

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नई दिल्ली :  वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार 24 सितंबर को शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन है। इस शुभ अवसर पर मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। साथ ही मनचाहा वरदान पाने के लिए व्रत भी रखा जाएगा। देवी मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलती है।

ज्योतिषियों की मानें तो शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन दुर्लभ इंद्र योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। आइए, शुभ मुहूर्त और योग के बारे में जानते हैं-

शारदीय नवरात्र शुभ मुहूर्तशारदीय नवरात्र की तृतीया तिथि 25 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक है। साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर मां चंद्रघंटा की पूजा कर सकते हैं। इसके बाद अपनी आर्थिक स्थिति अनुसार दान करें। आप अन्न-धन और वस्त्र का दान कर सकते हैं।

इंद्र योगज्योतिषियों की मानें तो शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन (Indra yog navratri day 3) दुर्लभ इंद्र योग का निर्माण हो रहा है। इंद्र योग का संयोग रात 09 बजकर 03 मिनट तक है। इसके साथ ही रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। रवि योग का निर्माण शाम 04 बजकर 16 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 10 मिनट तक है। इन योग में देवी मां चंद्रघंटा की पूजा करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलेगा।

पूजा विधि शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन सूर्योदय से पहले उठें। इसके बाद घर की साफ-सफाई करें। नित्य कामों से निवृत्त होने के बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। अब आचमन करें और लाल और पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद व्रत संकल्प लेकर सूर्य देव को जल अर्पित करें।

तदोपरांत, पंचोपचार कर विधि-विधान से मां चंद्रघंटा की पूजा करें। पूजा के समय चालीसा और स्तोत्र का पाठ और मंत्र का जप करें। पूजा का समापन आरती से करें। दिन भर उपवास रखें। वहीं, शाम में आरती के बाद फलाहार करें। साधक दिन में एक बार फल और जल ग्रहण कर सकते हैं।