छपरा: बिहार में छपरा जिले के युवा किसान खेती किसानी में काफी बेहतर कर रहे हैं. ऐसे किसानों से आसपास के किसान भी प्रभावित हो रहे हैं. दरअसल, कृषि वैज्ञानिक से प्रशिक्षण लेने के बाद युवा किसान खास आइडिया से उन्नत किस्म का फसल लगाकर अधिक उपज ले रहे हैं. इसके साथ ही इंटरनेट के माध्यम से एवं कृषि विभाग के द्वारा जानकारी मिलने से सरकार के द्वारा चलाए जा रहे योजना का लाभ भी ले रहे हैं.
छपरा जिले के मढ़ौरा प्रखंड के सिसवा गांव निवासी अंशुल राज पिछले 2 सालों से पोली हाउस में खेती कर रहे हैं, जिसमें कोई भी नगदी फसल किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है. इनके द्वारा शिमला मिर्च, गोभी, खीरा, टमाटर सहित कई फसल पोली हाउस में लगाकर काफी तगड़ा उपज लिया जाता है. जिसको बेचकर अच्छा कमाई कर रहे हैं.
उद्यान विभाग से मिली ये सहायता
बता दें कि पॉलीहाउस में भी उद्यान विभाग की ओर से सब्सिडी मिला है. जिसके वजह से काफी कम खर्च में पॉली हाउस लगाने में आया है. फिलहाल उनके द्वारा उन्नत किस्म का खीरा भी लगाया गया है. जिसका फलन शुरू हो चुका है. प्रत्येक वर्ष खीरा, शिमला मिर्च सहित कई फसल लगते हैं. अंशुल राज इसके पहले दूसरे राज्य में किसी कंपनी में 35 हजार पर नौकरी कर रहे थे, लेकिन काफी देर तक काम करना पड़ता था. जिसको देखते हुए बड़े भाई ने घर पर ही खेती करने का सलाह दिया. इसके बाद अंशुल राज नौकरी रिजाइन करके घर पर आकर खेती कर रहे हैं.
2 बीघा में कर रहे हैं खेती
किसान अंशुल राज ने बताया कि 5 कट्ठा खेत से नगदी फसल लगाने का शुरू किया. जिसमें लाभ होने के बाद और ज्यादा सब्जी का खेती किया. अब लगभग 2 बीघा से अधिक जमीन पर पॉलीहाउस में नगदी फसल लग रहा हूं. जिसमें अधिक फलन होता है. जिसको बेचकर अच्छा कमाई भी हो रहा है. साथ ही बताया कि पोली हाउस लगाने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जाती है. किसान पॉलीहाउस में खेती करके अच्छा फलन ले सकते हैं.
युवा किसानों को कर रहे प्रोत्साहित
किसान ने बताया कि मेरा खेती करने का आईडिया आसपास के किसानों को काफी अच्छा लग रहा है. दूर-दूर से किसान मेरे खेती को दीने के लिए आते हैं. साथ ही अपने घर पर खेती की जानकारी लेते हैं. इस खेती में अधिक लाभ हो रहा है. युवा किसानों को उन्होंने कहा कि नई-नई पद्धति से खेती करने पर अधिक उपज के साथ फलन भी ज्यादा मिलेगा. जिससे अधिक कमाई भी होगी. साथ ही बताया कि सरकार भी खेती करने के लिए सहयोग कर रही है. जिसका लाभ लिया जा सकता है.




