वृंदावन : शरद पूर्णिमा पर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजगोपियों संग महारास किया था। तब भगवान की मुरली की धुन से न केवल भूलोक, बल्कि देवलोक में बैठे देवता भी महारास दर्शन करने को उतावले हो गए थे।
महारास में जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ने पोशाक धारण कर मुरली बजाई, ठीक ऐसा ही भेष रखकर आज भी ठाकुर बांकेबिहारी शरद पूर्णिमा पर भक्तों को दर्शन देते हैं। शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी श्वेत धवल पोशाक, स्वर्ण-रजत शृंगार कर मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन देंगे। वर्ष में एक ही दिन मुरली बजाते ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।
मंदिर सेवायत आचार्य गोपी गोस्वामी ने बताया ठाकुरजी श्वेतांबर में चंद्रमा की धवल चांदनी में भक्तों को दर्शन देंगे। इसके अलावा शरद पूर्णिमा पर सोमवार को ठाकुर राधावल्लभ, ठाकुर राधादामोदर, राधाश्यामसुंदर, गोविंददेव, गोपीनाथ, मदनमोहन, गोकुलानंद समेत सभी मंदिरों में ठाकुरजी शाम को चंद्रमा की धवल चांदनी में श्वेत धवल वस्त्र धारण कर मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन देंगे।




