नई दिल्ली : चीनी निर्यात 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पाखंडी बताते हुए दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही रेयर अर्थ खनिजों और उपकरणों के निर्यात पर नियंत्रण लगाने के अपने फैसले का बचाव किया।
हालांकि, चीन ने अमेरिकी आयात पर नए शुल्क लगाने से परहेज किया है, लेकिन कहा कि हम निर्यात नियंत्रण उपायों को लागू करना जारी रखेंगे। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि हम टैरिफ वार नहीं चाहते, लेकिन अगर ऐसा होता है तो भी हमें डर नहीं है। ट्रंप की धमकी से जुड़े एक सवाल पर चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि ऊंचे टैरिफ की धमकी देना चीन के साथ तालमेल बिठाने का सही तरीका नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि यदि अमेरिका गलत राह अपनाता है, तो चीन निश्चित तौर पर अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के उपाय करेगा। मंत्रालय ने कहा कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते चीन विश्व शांति और क्षेत्रीय स्थिरता की बेहतर रक्षा करने और परमाणु अप्रसार और अन्य अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के लिए कानून के अनुसार संबंधित वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू कर रहा है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि निर्यात नियंत्रण उपायों को लागू करने से पहले चीन ने संबंधित देशों को इसके बारे में अवगत करा दिया था। रेयर अर्थ के निर्यात को लेकर चीन हर पक्ष से बातचीत के लिए तैयार है। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी वाणिज्य नियंत्रण सूची (सीसीएल) में 3,000 से अधिक वस्तुएं शामिल हैं, जबकि चीन की दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं की निर्यात नियंत्रण सूची में केवल 900 वस्तुएं ही शामिल हैं।
चीन से निर्यात होनेवाले होलमियम, इरबियम, थुलियम, यूरोपियम और यट्टरबियम समेत 12 रेयर अर्थ खनिजों पर नियंत्रण लागू किया गया है। चीन के कदम पर प्रतिक्रिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सामानों पर एक नवंबर से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और संकेत दिया था कि किसी भी तरह के जरूरी सॉफ्टवेयर के निर्यात को रोकने का प्रयास दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध को बढ़ा सकता है।




