भागलपुर सब्जी की खेती के लिए खास जाना जाता है. यहां कई तरह की सब्जियों की खेती होती है. इसका मुख्य कारण है यहां का दियारा क्षेत्र. खासकर गंगा के किनारे होने के कारण बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है. अब यहां अलग-अलग वैरायटी की सब्जियों की खेती शुरू हो गई है. लेकिन इस बीच बीएयू द्वारा तैयार किया गया सीडलेस परवल काफी चर्चा में है. इसकी मांग न सिर्फ बिहार में, बल्कि दूसरे राज्यों में भी तेजी से बढ़ी है.
जानिए क्या है सीडलेस परवल
बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अलग-अलग बीजों पर शोध किया जाता है. इसी कड़ी में परवल की एक नई वैरायटी पर शोध हुआ, जिसमें बिना बीज वाला परवल तैयार किया गया. इस परवल की काफी मांग हो रही है. इसको लेकर आर. बी. वर्मा ने बताया कि इसे बने हुए पांच साल से ज्यादा हो गए हैं
बिहार के कई जिलों में इसकी खेती हो रही है. इसे सीडलेस कहना पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि इसमें थोड़े बहुत बीज रहते हैं, लेकिन वे बहुत मुलायम होते हैं. कुछ परवल में बीज बिल्कुल नहीं निकलते. इसकी खासियत यही है कि बीज इतने मुलायम होते हैं कि खाने में महसूस नहीं होते. इसलिए लोग इसे सीडलेस परवल कहते हैं.
कहां-कहां हो रही है खेती
इस परवल की खेती अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश के किसान भी इसे उगा रहे हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह परवल दिखने में सुंदर और लंबा होता है. साथ ही यह दूसरे परवलों के मुकाबले ज्यादा दिनों तक खराब नहीं होता. बाजार में इसका दाम भी अन्य परवल के मुकाबले अधिक मिलता है. इसलिए ये खासा पसंद किया जा रहा है.
इस परवल की खेती अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश के किसान भी इसे उगा रहे हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह परवल दिखने में सुंदर और लंबा होता है. साथ ही यह दूसरे परवलों के मुकाबले ज्यादा दिनों तक खराब नहीं होता. बाजार में इसका दाम भी अन्य परवल के मुकाबले अधिक मिलता है. इसलिए ये खासा पसंद किया जा रहा है.
इसकी खेती से उगाने वाला भी खुश, बेचने वाला भी और खाने वाला भी. दरअसल परवल एक ऐसी सब्जी है जो अधिकतर लोगों को पसंद होती है लेकिन इसके बीज बहुतों को पसंद नहीं आते. ऐसे में मुलायम बीज या बिना बीज वाला परवल काफी पसंद किया जा रहा है.




