इस्लामाबाद : पाकिस्तानी बलों ने गुरुवार को अपने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहमंद जिले में कार्रवाई कर तालिबान समर्थित दर्जनों लड़ाकों को मारा है लेकिन उसके बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है।
पाकिस्तान ने काबुल में दो ड्रोन हमले किए
जबकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा है कि बुधवार को संघर्षविराम लागू होने से ठीक पहले पाकिस्तान ने काबुल में दो ड्रोन हमले किए। यह हमला उसकी कुत्सित सोच को प्रदर्शित करता है। इसके बावजूद अफगानिस्तान सरकार पाकिस्तान से वार्ता करेगी और टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करेगी।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों के बीच संघर्षविराम का स्वागत किया है। 10 अक्टूबर को काबुल पर पाकिस्तान के हवाई हमले के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर में टकराव हुआ जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं।
काबुल पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता खालिद जादरान ने बताया कि पाकिस्तानी ड्रोन हमले बुधवार को दोपहर बाद हुए। पहले ड्रोन ने एक आवासीय भवन को निशाना बनाया जबकि दूसरे ड्रोन से बाजार में हमला हुआ।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया
नजदीकी अस्पताल ने बताया है कि इन हमलों में पांच लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है जबकि मृतकों के शव अस्पताल लाए गए हैं।
हमले के समय ही काबुल में एक ऑयल टैंकर में विस्फोट की सूचना है लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह विस्फोट पाकिस्तानी हमले से हुआ। 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता को दोबारा संभालने वाली तालिबान सरकार का पाकिस्तानी सेना से पहली बार इतना भीषण टकराव हुआ है।
दोनों देशों के बीच संघर्षविराम सऊदी अरब, कतर और कुछ अन्य देशों के अनुरोध पर हुआ है। संघर्षविराम के बाद दोनों देशों की सीमाओं पर शांति है। अफगानिस्तान में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने बताया है कि अफगानिस्तान के सीमावर्ती स्पिन बोल्डक इलाके में हाल के पाकिस्तानी हमलों में 17 नागरिक मारे गए और 346 घायल हुए हैं।
इससे पहले की लड़ाई में अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में 16 नागरिकों की मौत हुई है। जबकि पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में मारे गए लोगों और घायलों के बारे में कोई सूचना नहीं दी है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को शरण देता है, यही आतंकी पाकिस्तान पर हमले करते हैं। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद से पाकिस्तान में हमले तेज हुए हैं। लेकिन अफगानिस्तान इस आरोप को झूठा और बेबुनियाद बताता है।




