खैरागढ़: साइबर अपराध के खिलाफ खैरागढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 करोड़ रुपये के ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग मुंबई के डोम्बिवली और कल्याण क्षेत्र से संचालित हो रहा था, जो सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
छात्रा की शिकायत से खुली पोलगिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक छात्रा ने इंस्टाग्राम पर ‘चिकनकारी साड़ी’ के फर्जी विज्ञापन के जरिए ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी जांच के माध्यम से आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर और बैंक खातों का विश्लेषण कर गिरोह तक पहुंच बनाई।
मुंबई में सात दिन की रैकी के बाद छापापुलिस महानिरीक्षक रेंज राजनांदगांव और पुलिस अधीक्षक खैरागढ़ के निर्देशन में गठित विशेष साइबर सेल टीम ने सात दिनों तक मुंबई में कैंप कर लगातार रैकी और तकनीकी निगरानी की। इसके बाद डोम्बिवली के दो फ्लैटों पर छापेमारी कर गिरोह के आठों सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
- गौतम परमानंद पंजाबी (23 वर्ष) – निवासी पचोरा, जिला जलगांव (महाराष्ट्र)
- पवन बबन सुरूसे (25 वर्ष) – निवासी मनारखेड़, जिला अकोला (महाराष्ट्र)
- विनायक रामेश्वर मोरे (24 वर्ष) – निवासी डबकी रोड, अकोला (महाराष्ट्र)
- अमित रामेश्वर मोरे (25 वर्ष) – निवासी डबकी रोड, अकोला (महाराष्ट्र)
- रामचंद्र जनार्दन चौके (21 वर्ष) – निवासी बालापुर, अकोला (महाराष्ट्र)
- अमोल संतोष दिवनाने (24 वर्ष) – निवासी बालापुर, अकोला (महाराष्ट्र)
- अभिषेक संतोष डंबडे (24 वर्ष) – निवासी बालापुर, अकोला (महाराष्ट्र)
- मनोज मुखिया (29 वर्ष) – निवासी हैदीवली भैरव स्थान, जिला मधुबनी (बिहार)
संगठित अपराध और जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाईगिरफ्तार सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ संगठित अपराध एवं गेम्बलिंग एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धिखैरागढ़ पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सफल कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन ऑफर, गेमिंग या निवेश स्कीम में बिना सत्यापन के अपनी निजी या बैंक जानकारी साझा न करें।




