गेहूं का उपयोग भारत की हर रसोई में किया जाता है. लेकिन, इसको किसानों द्वारा 4 महीने कड़ाके की सर्दी में मेहनत कर खेतों में उगाया जाता है. इस समय गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है. सागर और बुंदेलखंड में लाखों हेक्टेयर में गेहूं की खेती की जाती है. यहां का गेहूं भी काफी फेमस है. बड़ी-बड़ी बिस्किट कंपनियां सागर से सीधा गेहूं खरीदती हैं. जितनी अच्छी क्वालिटी चमकदार और वजनदार गेहूं होता है, उसकी उतनी अच्छी कीमत मिलती है.
गेहूं की पैदावार भी अच्छी होती है. एक एकड़ की जगह से गेहूं में 25 से 30 क्विंटल तक का उत्पादन मिल जाता है. लेकिन, गेहूं की खेती करने वाले किसान अलग-अलग वैरायटी की बुवाई करते हैं. बुंदेलखंड में अधिकांश और प्राय: दो से तीन पानी वाली फैसले ही किसान लगाते हैं. ऐसे में हम किसानों को गेहूं की टॉप 5 वैरायटी के बारे में बताने जा रहे हैं जो उनकी खेती के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती हैं.
इनमें सबसे पहले 1634
बीज निगम सागर की प्रभारी अधिकारी नकुल प्रताप सिंह हजारी बताते हैं कि दो पानी और तीन पानी में उत्पादन देने वाली गेहूं की कई वैरायटी है, जो प्रति एकड़ 15 से 22 क्विंटल तक का उत्पादन दे जाती हैं. बीज निगम से अच्छा बीज प्रमाणित बीज उपलब्ध होता है. इसमें जो लोग फसल से भूसा भी बनाना चाहते हैं, उन्हें हाथ से कटाई करनी पड़ती है, इसलिए ऐसी के साथ 50 से 60 किलो प्रति एकड़ की दर से बुवाई करें. जो हार्वेस्टर से कटाई करवाते हैं वे 50 से 80 किलो तक की दर से बुवाई करें. इन गेहूं की हाइट 80 से 90 सेंटीमीटर होती है. साथ ही इनमें में किसी तरह का कोई रोग भी नहीं लगता. केवल सिंचाई करने के बाद यूरिया का छिड़काव करना पड़ता हैं.
बीज निगम सागर की प्रभारी अधिकारी नकुल प्रताप सिंह हजारी बताते हैं कि दो पानी और तीन पानी में उत्पादन देने वाली गेहूं की कई वैरायटी है, जो प्रति एकड़ 15 से 22 क्विंटल तक का उत्पादन दे जाती हैं. बीज निगम से अच्छा बीज प्रमाणित बीज उपलब्ध होता है. इसमें जो लोग फसल से भूसा भी बनाना चाहते हैं, उन्हें हाथ से कटाई करनी पड़ती है, इसलिए ऐसी के साथ 50 से 60 किलो प्रति एकड़ की दर से बुवाई करें. जो हार्वेस्टर से कटाई करवाते हैं वे 50 से 80 किलो तक की दर से बुवाई करें. इन गेहूं की हाइट 80 से 90 सेंटीमीटर होती है. साथ ही इनमें में किसी तरह का कोई रोग भी नहीं लगता. केवल सिंचाई करने के बाद यूरिया का छिड़काव करना पड़ता हैं.
नोट कर लें वैरायटी
Hi -1633, 100 से 110 दिन की फसल, 15-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1634, 110 से 115 दिन की फसल, 18-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1636, 105 से 115 दिन की फसल, 18-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1544, 100 से 110 दिन की फसल, 20- 22 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
MP 3465 – 110 से 120 दिन की फसल, 16 -20 कुंतल उत्पादन प्रति एकड़.
DBW -120 दिन की फसल, जिसमें 18 से 22 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं.
Hi -1633, 100 से 110 दिन की फसल, 15-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1634, 110 से 115 दिन की फसल, 18-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1636, 105 से 115 दिन की फसल, 18-20 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
Hi -1544, 100 से 110 दिन की फसल, 20- 22 क्विंटल उत्पादन प्रति एकड़.
MP 3465 – 110 से 120 दिन की फसल, 16 -20 कुंतल उत्पादन प्रति एकड़.
DBW -120 दिन की फसल, जिसमें 18 से 22 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं.




