भागलपुर : विकास अब बिहार से बाहर नहीं जाएगा। बिहार में उद्योगों का नया दौर शुरू हो रहा है। बिहार में सेमीकंडक्टर का निर्माण होगा। नए बिजली प्लांट और कारखाने लग रहे हैं। पीएम मोदी ने आने वाले समय के विकसित बिहार की झलक दिखाई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एनडीए नेताओं और कार्यकर्ताओं के गिले-शिकवे दूर कर चले गए। प्रधानमंत्री के चुनावी सभा के दौरान वैसे नेताओं को भी मंच जगह दी गई थी, जो विक्षुब्ध चल रहे थे। प्रधानमंत्री से पार्टी नेताओं द्वारा वैसे लोगों से मुलाकात कराई गई, जिनसे पार्टी को फायदा होगा। साथ ही वैसे लोगों से भी मुलाकात कराई गई, जो पार्टी से नाराज चल रहे थे। मोदी से मिलने के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ता मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। चेहरे पर चमक साफ दिख रही थी।
भाजपा की ओर लगभग दो सौ लोगों की सूची पीएमओ भेजी गई थी। इनमें से 160 लोगों की सूची फाइनल हुई। प्रधानमंत्री भागलपुर व बांका जिले के 11 विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। मुलाकात करने वालों में नाराज लोगों के अलावा वैसे लोगों को शामिल किया गया था, जिनका समाज में वर्चस्व है। प्रधानमंत्री की सभा में केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह को बुलाकर भूमिहार वोटरों को साधने का प्रयास किया गया। साथ ही पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे को मंच पर स्थान दिया गया। चौबे यहां से विधायक व मंत्री रह चुके हैं।
चौबे से प्रधानमंत्री मंच पर चुनाव को लेकर चर्चा करते रहे। चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ना चाह रहे थे। अंत समय में उन्हें नामांकन करने से रोका गया। इसके कारण कुछ लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी। चौबे को मंच पर स्थान देकर ब्राह्मण वोटरों को साधने का प्रयास किया है। साथ से चौबे से जुड़े वोटरों को एकजुटता का संदेश दिया।
मंच पर दो मुस्लिम चेहरे को स्थान दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन व पूर्व राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन से वार्ता कर मोदी ने मुस्लिम वोटरों को संदेश दिया। सैयद शाहनवाज हुसैन यहां से सांसद रह चुके हैं। उनका लगातार भागलपुर आना-जाना रहा है। कहकशां परवीन नगर निगम की मेयर रह चुकी है। दोनों ही नेताओं का मुस्लिमों के बीच अच्छी पकड़ है। शाहनवाज हुसैन की ओर से भागलपुरी सिल्क का चादर व मंजूषा पेंटिंग भेंट की गई। बाद में इसकी चर्चा मोदी ने भी की।
मोदी ने चौबे और शाहनवाज का हाथ अपने साथ उठाकर कई संदेश दिए। दोनों के साथ होने की तस्वीर दिखाई। साथ ही खगड़िया के पूर्व सांसद अनिल यादव को मंच पर स्थान दिया गया। अनिल यादव को मंच पर स्थान देकर गोपालपुर व बिहपुर के वोटरों को साधने का प्रयास किया गया। पवन कुमार मिश्रा, डा. प्रीति शेखर को मंच पर स्थान देकर पार्टी में एकजुटता का परिचय दिया गया। साथ ही प्रशांत विक्रम सहित अन्य नाराज नेताओं को मोदी से भेंट कराया गया।
वैश्य वोटरों को साधने के लिए कई प्रतिष्ठित लोगों की मोदी से मुलाकात हुई। मोदी ने मंच से युवा वोटरों को भी साधने का प्रयास किया। बिहार में सेमीकंडक्टर बनाने, यहीं रोजगार देने, कल-कारखाने लगवाने, बिहार को विकसित राज्य बनाने की बात कही। डा. गांगुली बनर्जी व शहीद तिलकामांझी की चर्चा कर बंगाली व संथाली समाज को साधने का प्रयास किया।
सिल्क की चर्चा कर बुनकरों को अपनी ओर आकर्षित किया। मंजूषा कला, अजगैवीनाथ कारीडोर, जलमार्ग, डाल्फिन की चर्चा कर नाविकों को साधने का प्रयास किया। मोदी ने एक जिला एक प्रोडक्ट की चर्चा कर किसानों को आकर्षित किया। मोदी ने अपने भाषण के दौरान सभी जाति, धर्म, वर्ग को साधने का प्रयास किया। खासकर मोदी जीविका दीदी व लखपति दीदी की चर्चा कर महिलाओं को खुश कर चले गए।




