नई दिल्ली : भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पर चुनावी मतदाता सूची की चल रही विशेष गहन समीक्षा (एसआइआर) के प्रति उनकी आपत्तियों को लेकर हमला बोला और आरोप लगाया कि ये आपत्तियां भारत में घुसपैठियों के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करने की ‘साजिश’ का हिस्सा हैं।
कट्टरपंथियों का समर्थन प्राप्त करके सत्ता में आने का सपना देश के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, ”मैकाले, माओ और मार्क्स के विचारों ने ऐसे लोगों के मन को प्रदूषित कर दिया है।“ भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बंगाल और अन्य राज्यों में एसआईआर का यह प्रयास आवश्यक है ताकि कोई भी व्यक्ति ‘विदेशी घुसपैठियों’ के माध्यम से भारत या इसके किसी भी राज्य में सत्ता पर कब्जा करने में सफल न हो सके।
उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चुनाव आयोग के खिलाफ ”बेजा” आरोप लगाने और चुनाव जीतने के लिए ”गलत जानकारी” का प्रचार-प्रसार करने का आरोप लगाया।
त्रिवेदी ने कहा, ”कुछ राज्यों में ‘विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए’ के कुछ घटक जो निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के प्रयासों के खिलाफ प्रयास कर रहे हैं, यह एक गंभीर चिंता का विषय है। कहीं न कहीं, ये राजनीतिक दल ‘घुसपैठियों’ के संदिग्ध मतदाताओं के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करने की चल रही साजिश का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे राज्यों में मतदाता सूची को साफ करने की संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है।”
भाजपा नेता ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड के कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी ने खुले तौर पर लोगों से कहा है कि यदि ब्लाक स्तर के अधिकारी (बीएलओ) उनसे जानकारी मांगने आते हैं, तो उन्हें बंद कर दें। उन्होंने आइएनडीआइए से पूछा कि क्या यह ”निंदनीय” आह्वान ”लोकतंत्र को बंधक बनाने” के बराबर नहीं है।




