प्रकृति में ऐसे अनेकों पेड़ पौधे पाए जाते हैं जो मानव शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, ऐसा ही एक पौधा है मीठा नीम, इसे कड़ी पत्ता भी कहा जाता है. इसकी पत्तियां नीम की जैसे होने के कारण इसे मीठा नीम कहा जाता है. इसकी पत्तियां सुगंधित होने के कारण अधिकांश लोग केवल इसे रसोई का एक मसाला मानते हैं. लेकिन इसका आयुर्वेद में भी विशेष महत्त्व है. कई बीमारियों में मीठा नीम किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है. इस पौधे को घर में लगाना भी बहुत आसान है.
मीठा नीम को पौधे, बीज और कलम तीनों तरीकों से लगाया जा सकता है. इसके लिए मार्च से अप्रैल और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसे घर की खाली जगह या किचन गार्डन में लगाने के लिए गमले में मिट्टी भरकर बीज को 2 से 3 इंच गहराई में दबाया बेहतर रहता है. इसके अलावा गमले को रोज़ 5 से 6 घंटे धूप वाली जगह पर रखना चाहिए. मीठा नीम बीज 7 से 10 दिनों में अंकुरित हो जाता है और धीरे-धीरे मजबूत पौधा विकसित होने लगता है.
यह पौधा लगभग हर प्रकार की मिट्टी में बढ़ सकता है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे बेहतर होती है. घर में मिट्टी तैयार करने के लिए 50% मिट्टी, 30% गोबर की खाद और 20% रेत मिलाई जाती है, साथ ही दो मुट्ठी नीम खली डालने से पौधा रोग-मुक्त रहता है. इसकी जड़ों में कभी भी अधिक पानी जमा नहीं होना चाहिए. पानी और धूप इस पौधे के विकास में मुख्य भूमिका निभाते हैं.
इस पौधे को बहुत अधिक पानी देने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन मिट्टी हमेशा हल्की नम रहनी चाहिए. यह पौधा 6 घंटे से अधिक धूप पाने पर तेजी से बढ़ता है. पौधे की ग्रोथ बढ़ाने के लिए छाछ वाला घोल, चावल धोने का पानी, गोबर की खाद और अंडे के छिलके, एप्सम साल्ट, चायपत्ती और केले के छिलके की खाद का प्रयोग महीने में एक बार करना लाभदायक होता है.
गार्डेनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि यदि मीठा नीम सुगंधित नहीं होता, तो इसका प्रमुख कारण पौधे को पर्याप्त पोषण न मिलना है. केवल पानी देने से पत्तियां अपनी प्राकृतिक खुशबू खो देती हैं. इसलिए पौधे को समय-समय पर पोषक तत्व देना आवश्यक है. नियमित गुड़ाई, खरपतवार निकालना और उचित खाद डालने से पौधा अधिक सुगंधित पत्तियां देता है, जो स्वाद और औषधीय गुण दोनों में बेहतरीन होती हैं.
आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कढ़ी पत्ता पोषक तत्वों से भरपूर होता है जिसमें विटामिन A, B, C, B12, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं. यह पाचन मजबूत करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल कम रखने में मदद करता है. इसके सेवन से बाल मजबूत होते हैं, आंखों की रोशनी सुरक्षित रहती है और एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमणों से बचाते हैं. इसके अलावा डायबिटीज, दस्त और वजन नियंत्रण में भी लाभकारी है.




