हर वर्ष 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व पूरे उत्साह और परंपरा के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार केवल ऋतु परिवर्तन और फसल से जुड़ा नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है। लोहड़ी के समय सूर्यदेव मकर राशि की ओर बढ़ते हैं, जिससे ग्रहों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान बनने वाले शुभ योग जीवन में सकारात्मक संकेत देते हैं। इन योगों का प्रभाव करियर (Sun Mars Venus yoga career), धन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ता है। साथ ही पारिवारिक जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ने के योग बनते हैं। यही कारण है कि लोहड़ी को केवल उत्सव नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन किया गया दान शुभ योगों के प्रभाव को और मजबूत करता है। तिल, गुड़, मूंगफली, कंबल और गर्म वस्तुओं का दान विशेष रूप से शुभ माना गया है। यह दान सूर्यदेव और शनिदेव से जुड़े दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है। मान्यता है कि लोहड़ी की अग्नि में अर्पण और सेवा भाव से किए गए कर्म आने वाले समय में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति का आधार बनते हैं। यही कारण है कि लोहड़ी को केवल पर्व नहीं, बल्कि भविष्य को दिशा देने वाला अवसर माना जाता है।



