न दोस्ती, न प्यार और न ही कोई कमिटमेंट…अगर आपका रिश्ता भी इसी उलझन में है, तो मुमकिन है आप Situationship में हों। आज के समय में रिश्तों को समझना और उन्हें एक नाम देना काफी मुश्किल हो गया है। कई बार ऐसा होता है कि हम एक-दूसरे के करीब होते हैं, साथ समय बिताते हैं, बातें शेयर करते हैं, लेकिन रिश्ते को नाम देने से बचते हैं। न यह पूरी तरह डेटिंग होती है और न ही एक ऑफिशियल रिलेशनशिप। Gen Z ने ऐसे कन्फ्यूजिंग रिश्तों को सिचुएशनशिप का नाम दिया है। अगर आपको लगता है कि शायद आप भी ऐसे ही किसी उलझन में हैं, तो इन आसान संकेतों से समझें कि आप सिचुएशनशिप में हैं या नहीं।
सिर्फ जरूरत पड़ने पर बात
अगर आपका पार्टनर सिर्फ तभी आपसे कॉन्टेक्ट करता है, जब उसे कुछ काम या कोई मदद चाहिए, तो यह भी एक बड़ा संकेत है। सिचुएशनशिप में रिश्ते की गहराई कम होती है और यह अक्सर जरूरत तक ही सीमित रहती है। वहीं, सच्चे रिश्तों में हम एक-दूसरे की जरूरत बनते हैं और हमेशा टच में रहते हैं।
सिचुएशनशिप में पार्टनर का मूड अक्सर बदलता रहता है। आज बहुत करीब, कल बहुत दूर। कभी प्यार और तारीफें, तो कभी दूरी और चुप्पी। यह उतार-चढ़ाव आपको उलझन और चिंता में डाल सकता है। अगर आपको भी अपने रिश्ते में कुछ ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं, तो यह ठीक नहीं हैं।




