नई दिल्ली : पूर्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद ने शनिवार को राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित नेता करार देते हुए आरोप लगाया कि वह केवल उन युवा नेताओं को बढ़ावा दे रहे हैं जो पार्टी में उनका गुणगान करते हैं यानी उनकी चापलूसी करते हैं। शकील अहमद पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के महासचिव रह चुके हैं।
2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। वह तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। वह 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी रहे।
अहमद ने कहा कि राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुद को असहज महसूस करते हैं, खासकर जिनकी जनता पर अच्छी पकड़ है। इसलिए वह सिर्फ उन्हीं लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं जिनका कोई आधार नहीं है।
उन्होंने राहुल को तानाशाही और गैर-लोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ सहयोगियों की बात नहीं सुनते और ऐसा सोचते है कि पार्टी अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी के कारण दूसरे स्थान से नीचे नहीं जा सकती।
पूर्व कांग्रेसी नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने जब कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब अमेठी हार गए थे। उन्होंने कहा कि वह अपने पूर्वजों और परिवार की परंपरागत सीट को भी अपने रवैये के कारण नहीं जीत सके।
अहमद ने कहा- ”राहुल गांधी एक कायर और असुरक्षित व्यक्ति हैं। वह किसी भी वरिष्ठ व्यक्ति या बड़ा सार्वजनिक रुतबा रखने वाले व्यक्ति के सामने बॉस फीलिंग नहीं महसूस करते। वह किसी ऐसे व्यक्ति के साथ असहज होते हैं और इसलिए तानाशाह और गैर-लोकतांत्रिक हैं।” वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि उन्हें बिहार में एसआइआर के दौरान किसी का नाम मतदाता सूची से हटाने का दावा नहीं मिला।
अहमद के इस दावे पर कि उन्हें बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी मतदाता का नाम हटाने का दावा नहीं मिला, पूनावाला ने गांधी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने अपनी पार्टी की चुनावी हार का दोष दूसरों पर डालने के लिए ‘वोट चोरी’ के आधारहीन आरोप लगाए।




