प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची की नासमझी और भरोसे का फायदा उठाया. उसने उसे बेर खिलाने का लालच दिया और खेल-खेल में घर से दूर पास के एक सुनसान खेत तक ले गया. वहां, आरोपी ने घिनौनी हरकत को अंजाम दिया और बच्ची को गंभीर स्थिति में छोड़ कर फरार हो गया. घटना के बाद आरोपी सामान्य व्यवहार करता रहा, ताकि किसी को शक न हो.
देर रात बिगड़ी बच्ची की हालत
घटना का खुलासा तब हुआ, जब रात में बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. दर्द और बेचैनी से जूझती बच्ची को देखकर परिजन घबरा गए. जब स्थिति गंभीर होती चली गई, तो परिवार ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने जांच के बाद मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल इलाज शुरू किया. फिलहाल, बच्ची डॉक्टरों की निगरानी में है.
संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय हुई पुलिस
मामले की जानकारी मिलते ही सरकंडा पुलिस हरकत में आई, पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर जांच शुरू की और कुछ ही समय में आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया.
POCSO और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है, ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके.
इस घटना के बाद पूरे लगरा आवास पारा में आक्रोश और डर का माहौल है,स्थानीय लोग आरोपी को कठोरतम सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी सोच को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके.




