नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक और भावुक पल देखने को मिला, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पद उनके पति और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में दुखद मृत्यु के बाद खाली हुआ था। सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक उदय काफी नाटकीय रहा है। दशकों तक उन्होंने पवार परिवार की राजनीति से दूरी बनाए रखी और बारामती में सामाजिक कार्यों—स्वच्छता, महिला स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण विकास पर फोकस किया।
2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें बारामती से मैदान में उतारा गया था, जहां उन्होंने अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले को कड़ी टक्कर दी थी। अब उनकी यह पदोन्नति सहानुभूति, राजनीतिक आवश्यकता और पवार परिवार की विरासत को बचाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि, सवाल अब भी बने हुए हैं
- क्या सुनेत्रा पवार अजीत पवार की तरह एनसीपी को एकजुट रख पाएंगी और महायुति में संतुलन बनाए रखेंगी?
- एनसीपी में शरद पवार गुट और अजीत गुट के बीच पुरानी दरारें फिर उभर सकती हैं?
- बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव में क्या होगा, क्योंकि सुनेत्रा को छह महीने के भीतर विधानमंडल में प्रवेश करना होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एनसीपी की स्थिरता और महायुति सरकार की मजबूती के लिए उठाया गया है, लेकिन आने वाले महीनों में स्थानीय निकाय चुनाव और अन्य घटनाक्रम इस नए समीकरण की असली परीक्षा लेंगे। महाराष्ट्र की सियासत में ‘दादा’ के जाने के बाद अब ‘सुनेत्रा युग’ की शुरुआत हो चुकी है- क्या यह नया दौर स्थिरता लाएगा या और उथल-पुथल? समय ही बताएगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने आज महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके पति और चार अन्य लोगों की बारामती में विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उन्हें आबकारी, खेल एवं युवा कल्याण एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्रालयों का प्रभार सौंपा गया है। वित्त एवं योजना मंत्रालय, जो उनके पति के पास थे, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभालेंगे।




