नई दिल्ली : विदेशी बाजारों में तेजी से उभरता लग्जरी नैनिंग का कॉन्सेप्ट अब भारतीय युवाओं के बीच भी मशहूर हो रहा है। जहां पहले बच्चों की देखभाल या नैनी के जॉब को इतना महत्व नहीं दिया जाता था या इसे बेहतरीन करियर ऑप्शन माना जाता था।
लेकिन अब Gen-Z इसे एक बेहतरीन करियर ऑप्शन के रूप में देख रहा है। अब जेन-जी इसे पेशे को एक नए नजरिए से देख रहा है। आइए जानें लग्जरी नैनिंग क्या होती है और क्यों जेन-जी इसे अच्छा करियर ऑप्शन मान रहा है।
लग्जरी नैनिंग सामान्य बेबीसिटिंग से कोसों दूर है। यह अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ परिवारों, मशहूर हस्तियों और बिजनेसमैन को दी जाने वाली एक प्रीमियम सर्विस है। एक लग्जरी नैनी केवल बच्चे को खाना नहीं खिलाती, बल्कि वह बच्चे की पूरी लाइफस्टाइल और विकास की जिम्मेदारी संभालती है।
इसमें शामिल मुख्य जिम्मेदारियां हैं-
- शिक्षा और विकास- बच्चों को विदेशी भाषाएं सिखाना, होमवर्क में मदद और म्यूजिक या एक्स्ट्रा करिक्यूलर एक्टिविटीज में मदद करना।
- ट्रैवल पार्टनर- दुनिया भर की लग्जरी ट्रिप, प्राइवेट जेट और हॉलिडे के दौरान परिवार के साथ रहना।
- मैनेजमेंट- बच्चों के शेड्यूल, डाइट और उनकी सोशल एक्टिविटीज को मैनेज करना।
- आकर्षक वेतन और फायदे- लग्जरी नैनीज का वेतन किसी कॉर्पोरेट मैनेजर से भी ज्यादा हो सकता है। इसके साथ ही रहने के लिए आलीशान घर, प्रीमियम खाना और लग्जरी सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं, जिससे उनकी बचत काफी ज्यादा होती है।
- दुनिया घूमने का मौका- Gen-Z के लिए एक्सपीरिएंस पैसे से ज्यादा कीमती है। लग्जरी नैनिंग उन्हें बिना किसी खर्च के पेरिस, मालदीव और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की यात्रा करने और वहां रहने का अवसर देती है। यह काम के साथ-साथ ग्लोबल एक्सपोजर का बेहतरीन जरिया है।
- कॉर्पोरेट बर्नआउट से बचाव- आज के युवा 9-से-5 की डेस्क जॉब और कॉर्पोरेट राजनीति से थक चुके हैं। लग्जरी नैनिंग उन्हें एक अलग वातावरण में काम करने की आजादी देती है, जहां काम मानवीय रिश्तों और बच्चों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा होता है।
- स्किल-बेस्ड करियर- यह पेशा अब अनस्किल्ड नहीं रहा। कई युवा चाइल्ड साइकोलॉजी, अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन या नर्सिंग में डिग्री लेकर इस क्षेत्र में आ रहे हैं। उनके लिए यह अपनी स्पेशेलिटी का इस्तेमाल करने का एक सम्मानजनक तरीका है।
चुनौतियां भी हैं कम नहीं
हालांकि, यह सुनने में बहुत ग्लैमरस लगता है, लेकिन यह काम बेहद डिमांडिंग है। लग्जरी नैनी को 24/7 उपलब्ध रहना पड़ सकता है। उन्हें परिवार की सख्त प्राइवेसी का पालन करना होता है और कई बार उनकी निजी जिंदगी पूरी तरह परिवार के शेड्यूल के इर्द-गिर्द सिमट जाती है।
साथ ही, भारत में अभी भी लग्जरी नैनिंग का कॉन्सेप्ट बड़े बिजनेसमैन या सिलेब्रिटीज तक ही सीमित है। इसलिए काम के अवसर काफी कम हैं।




