नई दिल्ली : मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। इस वजह से नेटफ्लिक्स ने इसका टीजर भी वेबसाइट से हटा दिया। दरअसल लोगों को पंडत शब्द से आपत्ति है जिसकी वजह से इसको लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है।
जाति को नाराज करना गलतअनूप जलोटा ने कहा, “पंडित एक जाति और धर्म से जुड़ा शब्द है। किसी जाति को घूसखोर कहना गलत है। अगर टाइटल ‘घूसखोर पुजारी’ कर दिया जाए, तो पुजारी कोई भी हो सकता है…मैं, आप या कोई और।” उन्होंने आगे कहा कि पुजारी कोई एक समुदाय नहीं है, बल्कि जो भी पूजा करता है वही पुजारी कहलाता है। ऐसे में टाइटल बदलने से कई लोगों की नाराजगी खत्म हो सकती है और फिल्म को लेकर बनी मुश्किलें भी आसान हो जाएंगी।
बता दें कि टीजर रिलीज के बाद से कई सामाजिक और सामुदायिक संगठनों ने भी फिल्म पर आपत्ति जताई है। इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते आक्रोश ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसके चलते तुरंत एक्शन लेना पड़ा।




