नई दिल्ली : अमेरिका ने इजरायल की मदद से ईरान पर हमला किया है। इस स्ट्राइक को यूएस ने ऑरपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया है। इस बात की जानकारी शनिवार को पेंटागन ने दी है।
खबर है कि यह हमला सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस के पास हुआ। यह स्ट्राइक ऐसे समय की गई है जब तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है।
ट्रंप क्या चाहते हैं?ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप एक डील चाहते थे और ईरान इसके लिए तैयार नहीं। ऐसे में जब ईरान के अंदर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और देश अशांति से जूझ रहा है तो ट्रंप को इसमें एक मौका दिख रहा है।
वहीं, ईरान को उम्मीद थी कि वह युद्ध टाल देगा, लेकिन उसका कहना है कि उसे यूरेनियम समृद्ध करने का अधिकार है और वह अपने लंबी-रेंज मिसाइल प्रोग्राम या हमास और हिजबुल्लाह जैसे हथियारबंद ग्रुप्स को सपोर्ट जैसे दूसरे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता।
इजरायल ने जैसे ही अपना एयरस्पेस बंद किया पूरे इजरायल में सायरन बजने लगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने इजरायल की तरफ मिसाइल दागे जाने की संभावना के लिए जनता को तैयार करने के लिए एक प्रोएक्टिव अलर्ट जारी किया था।




