नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के तीसरे सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर फिर हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान समझौते के संकेत दे रहा है, लेकिन उसकी शर्तें अभी अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं हैं।
एनबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी हमलों ने खार्ग द्वीप के बड़े हिस्से को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और जरूरत पड़ी तो वहां फिर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तत्काल युद्धविराम की संभावना से इन्कार करते हुए कहा कि अभी दबाव बनाए रखना जरूरी है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया ने इस दिशा में विकल्पों की समीक्षा शुरू कर दी है। ब्रिटेन के ऊर्जा मंत्री ने संकेत दिया कि सहयोगी देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा चल रही है। नए घटनाक्रम में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों द्वारा क्षेत्र में अपने समुद्री सुरक्षा मिशन एस्पिडीज के विस्तार पर विचार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान पूरे पश्चिम एशिया पर प्रभाव बढ़ाना चाहता था और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई उसी रणनीति को रोकने के लिए की जा रही है।
ईरान ने मोजतबा खामेनेई के सुरक्षित होने की बात दोहराईएपी के अनुसार, ट्रंप ने साक्षात्कार में कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई शायद जीवित नहीं हैं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और हालात पर निगरानी रख रहे हैं।
अराघची ने यह भी दोहराया कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देगा और उसकी ऊर्जा संरचना पर हमला होने पर क्षेत्रीय असर बढ़ सकता है।




