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भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी

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गौरेला पेंड्रा मरवाही, 18 मार्च 2026 : प्रदेश में भीषण गर्मी और ताप की लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए निदेशक ट्रेनिंग ऑपरेशन अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाऐं नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा बचाव हेतु उपाय के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उनके द्वारा भीषण गर्मी-ताप की लहर से बचने के संबंध में गर्मी के पहले एवं गर्मी के दौरान सुरक्षा उपाय के संबंध में कहा गया है कि जहां तक संभव हो दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तेज धूप में जाने से बचें, प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पर्याप्त पानी पीते रहें और यात्रा के दौरान पानी साथ रखनें, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने, सिर को कपड़े या टोपी से ढकने तथा धूप में चश्मा और छाता इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

गर्मी के मौसम में खानपान को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है। हल्का भोजन करें और पानी से भरपूर फल जैसे खरबूजा, ककड़ी और खट्टे फल अधिक लें। नींबू पानी, छाछ और जूस जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन करें, जबकि मांस और अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों से बचें। बाहर का खाना और बासी खाना खाने से परहेज करने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दे, सनशेड और वेंटिलेशन का उपयोग करने को कहा है। साथ ही बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में नहीं छोड़ने और पशुओं को छाया एवं पर्याप्त पानी उपलब्ध कहा गया हैं।

हीट स्ट्रोक की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर लिटाने, शरीर को ठंडे पानी से ठंडा करने और ओआरएस या नमक-चीनी का घोल देने की सलाह दी गई है। यदि व्यक्ति बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को नहीं दें और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। इसके अलावा, प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और आसपास के बुजुर्ग, बीमार या कमजोर लोगों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार की जानकारी भी रखें, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।