अंबिकापुर :पुलिस किसी को पकड़ने जाए और फिर उसी के साथ कोई वारदात करने का दुस्साहस कर दिखाए तो इसे क्या कहेंगे? कुछ इसी तरह के मामले से पूरा पुलिस महकमा परेशान हो गया। गनीमत रही कि किस्मत से पुलिस गाड़ी चोर तक मिनटों में पहुंच गई।
दरअसल, पुलिस ने गांजा तस्करी और बेचने की मिली सूचना के आधार पर छापा मारने का फैसला किया। कोतवाली पुलिस की टीम अपनी पूरी तैयारी के साथ सत्तीपारा गई, जहां उम्मीद थी कि गांजे के साथ तस्कर भी पकड़ा जाएगा। पुलिस वहां पहुंच भी गई थी और गाड़ी छोड़ कर गांजे की खोजबीन करने के लिए पूरा स्टॉफ चला गया।
हड़बड़ी में बोलेरो में चाबी लगी रह गई। टीम का नेतृत्व प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे कर रहे थे। सत्तीपारा इलाका वैसे भी नशे की सामग्री बेचने के लिए पहले से बदनाम है। पुलिस का पूरा अमला आसपास तहकीकात करता रहा। इससे पहले कि कोई हाथ आता या गांजा बरामद कर लिया जाता, एकाएक वहां पर एक शातिर चोर मुकेश नामदेव देखा गया। वह छत से नीचे कूदा और नीचे जाकर तुरंत पुलिस की गाड़ी ले भागा।
पीछे- पीछे पुलिस नीचे भागे तो देखा कि उनकी ही बोलेरो गायब हो चुकी है। इससे हड़कंप मच गया। अचानक यह बात सामने आयी कि डीएसपी का मोबाइल फोन तो गाड़ी में ही रह गया है। पुलिस ने उस मोबाइल फोन की लोकेशन मोबाइल नंबर के आधार पर तत्काल देखी और फिर उसी रास्ते पर पीछा करते हुए राम मंदिर तक पहुंच गए। राम मंदिर के नजदीक ही बोलेरो को बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास दबिश देकर आरोपी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस अनोखे मामले की पुलिस में जमकर चर्चा हो रही है।



