नई दिल्ली : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। वॉशिंगटन पोस्ट द्वारा सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चला है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हवाई हमलों ने पहले बताई गई रिपोर्टों की तुलना में कहीं अधिक विनाश किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक कम से कम 228 अमेरिकी रक्षा ढांचों या उपकरणों को नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
228 सैन्य संपत्तियों को पहुंचा नुकसान
सैटेलाइट विश्लेषण के अनुसार, ईरान के हवाई हमलों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हैंगर, बैरक, ईंधन डिपो, विमान और महत्वपूर्ण रडार प्रणालियों को निशाना बनाया है। इसके अलावा, संचार और हवाई रक्षा उपकरणों को भी भारी क्षति पहुंची है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई कुल सैन्य संपत्तियों का कोई आधिकारिक आकलन या विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
आसमान से गायब हुआ करोड़ों का अमेरिकी विमान
इस बीच, मंगलवार को अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर रडार से अचानक गायब हो गया। इस विमान की कीमत लगभग 40 से 52 मिलियन डॉलर (करीब 330-430 करोड़ रुपये) के बीच आंकी जाती है।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा ने पुष्टि की है कि विमान ने कतर के ऊपर 7700 (आपातकालीन संकट) का सिग्नल भेजा था, जिसके बाद उसका ट्रांसपोंडर बंद हो गया। KC-135 को फ्लाइंग गैस स्टेशन कहा जाता है।
यह हवा में ही लड़ाकू विमानों, बमवर्षकों और निगरानी विमानों में ईंधन भरने का काम करता है, जिससे वे अपनी क्षमता से कहीं अधिक घंटों तक उड़ान भर सकते हैं। इस लापता विमान पर भी सेंटकॉम ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।
इसके अतिरिक्त, 10 अन्य विमानों को अलग-अलग स्तर पर नुकसान पहुँचा है। हालांकि ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी फार्स ने ‘फ्लाइटराडार24’ (Flightradar24) के डेटा का हवाला देते हुए विमान के गायब होने की सूचना दी है, लेकिन तेहरान की ओर से अपनी संलिप्तता का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
- कतर (अल-उदैद एयरबेस): यहां एक सैटेलाइट संचार साइट को निशाना बनाया गया।
- बहरीन (रिफा और ईसा एयरबेस): यहां तैनात पैट्रियट (Patriot) हवाई रक्षा उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया।
- कुवैत (अली अल-सालेम एयरबेस): यहां भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में उन विशिष्ट ठिकानों का भी विवरण दिया गया है जहां ईरानियों ने प्रहार किए।



