अमेरिका के साथ टेंशन के बीच ईरान में भारी उथल पुथल शुरू हो गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मसूद पेज़ेश्कियन ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लिखी चिट्ठी में बेहद गंभीर बातें लिखी हैं। पेज़ेश्कियन ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति और उनकी सरकार को देश के बड़े और अहम फैसलों से लगभग बाहर कर दिया गया है। इस चिट्ठी में पेज़ेश्कियन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
ईरान के शासन में अब IRGC का कंट्रोल
पेज़ेश्कियन ने आरोप लगाया है कि ईरान के प्रशासनिक तंत्र और शासन पर अब पूरी तरह से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडरों का कंट्रोल हो चुका है, जिससे सरकार सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है। इसी कारण से उन्होंने तत्काल राष्ट्रपति का पद छोड़ने का निर्णय लिया।
कानूनी रास्तों से भटका ईरान का प्रशासन
पेज़ेश्कियन का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है, जब ईरान और अमेरिका की पीस डील करीब करीब आखिरी चरण में हैं। अपनी चिट्ठी में पेज़ेश्कियन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि ईरान का पूरा प्रशासनिक ढांचा अब अपने आधिकारिक और कानूनी रास्तों से पूरी तरह भटक चुका है।
IRGC के चरमपंथी गुटों ने देश को अपने हाथो में लिया
देश के बड़े और बेहद अहम नीतिगत फैसलों से राष्ट्रपति और उनकी चुनी हुई सरकार को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है और आईआरजीसी के भीतर मौजूद चरमपंथी गुटों ने देश के तमाम मामलों को अपने हाथों में ले लिया है।
पिछले कई महीनों से चल रहा था तनाव
पिछले कई महीनों से ईरान में सरकार और आर्मी बीच अंदर ही अंदर चल रहे भारी तनाव चल रहा है। IRGC ने धीरे-धीरे राष्ट्रपति पद के कई अधिकारों को छीन लिया है। पेज़ेशकियन की सरकार एक कार्यकारी और राजनीतिक गतिरोध में बुरी तरह फंस चुकी है।
अभी साफ नहीं हुआ कि इस्तीफा मंजूर हुआ या नहीं
इसकी वजह से सरकार न तो अपनी पसंद से कैबिनेट के ढांचे में कोई बदलाव लागू कर पा रही थी और न ही अमेरिका के साथ किसी डील को आगे बढ़ा पा रही है। फिलहाल ये साफ नहीं हो सका है कि मोजतबा खामेनेई ने इस्तीफे को मंजूरी दी या नहीं। लेकिन पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की पेशकश से ईरान की आंतरिक राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है।



