Home छत्तीसगढ़ खाद के लिए बढ़ी किसानों की दौड़, सरकार बोली- भंडारण पर्याप्त, घबराने...

खाद के लिए बढ़ी किसानों की दौड़, सरकार बोली- भंडारण पर्याप्त, घबराने की जरूरत नहीं

0

रायपुर : मानसून सिर पर है और एक- दो बारिश के बाद खरीफ सीजन की तैयारियों में किसान जुट जाएंगे। इससे पहले खाद का बंदोबस्त भी किसान करते हैं। आमतौर पर किसान हर साल जून आखिरी या जुलाई के पहले खाद का उठाव सहकारी समितियों से करते हैं। इसके विपरीत इस बार खाद नहीं मिलने की अटकलों के बीच किसानों ने समय से पहले ही सहकारी सिमितियों की दौड़ लगानी शुरू कर दी है।

इसके विपरीत सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है िकि पर्याप्त खाद का भंडारण कर दिया गया है और इसके साथ ही नैनो यूरिया का विकल्प भी दिया गया है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद आवंटित किया है और इसमें से आधे से अधिक 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद समितियों में पहुंच चुकी है। कृषि विभाग की निगरानी में जल्द ही रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, बालोद के रैक प्वाइंट पर खाद के अतिरिक्त बोगियां पहुंचने वाली हैं।

जबकि गरियाबंद, मुंगेली, खैरासगढ़, बस्तर, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरिया, कोरबा, धमतरी आदि जिलों में लक्ष्य से आधे से अधिक खाद पहुंच चुकी है। अकेले बिलासपुर की बात करें तो वहां 19,912 टन से अधिक खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7,770 टन अधिक है। वहां हर जिले की तरह डीएपी का स्टॉक 8,534 टन और एमओपी का 580 टन बढ़ाया गया है। सहकारी एवं निजी गोदामों में 22,079 टन से ज्यादा खाद उपलब्ध है। आंकड़ों से साफ है कि किसान खाद उठाने की हड़बड़ी में दिख रहे हैं। इस जिले में इस साल 2 जून तक 19,912.578 टन खाद का वितरण किया जा चुका है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 12,142.454 टन था। इस बार करीब 64 प्रतिशत अधिक खाद किसानों तक पहुंच चुकी है। यूरिया, एनपीके और एसएसपी के स्टॉक में मामूली कमी आयी है।

व्यवस्था में बदलाव

सरकार ने इस बार खाद वितरण की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। इस साल 2.5 एकड़ तक रकबा रखने वाले सीमांत किसानों को उर्वरक एकमुश्त वितरित किया जाएगा। शासन का उद्देश्य छोटे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना है ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीमांत कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक वितरण सुनिश्चित किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।

पांच एकड़ से अधिक पर तीन किस्त में खाद

अधिकारियों ने बताया कि 2.5 से 5 एकड़ तक रकबा रखने वाले लघु किसानों को उर्वरक 2 किस्तों में मिलेगा, जबकि 5 एकड़ से अधिक रकबे वाले दीर्घ किसानों को 3 समान किस्तों में वितरण किया जाएगा। दूसरी किस्त पहली किस्त के 20 दिन बाद तथा तीसरी किस्त दूसरी किस्त के 20 दिन बाद प्रदान की जाएगी।