डोंगरगढ़ :भैंसों से भरी पिकअप वाहन के चालक के साथ रास्ते में मारपीट और डेयरी संचालक से एक लाख रुपये की उगाही की मामला सामने आया है. वाहन में बरमपुर से तीन भैंसों और उनके पड़ियों को खरीदकर लाया जा रहा था. शिकायत के आधार पर बोरतलाव पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जानकारी के मुताबिक, डोंगरगढ़ निवासी मनोज श्रीवास्तव डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं. उनकी शिकायत के अनुसार बरमपुर निवासी ऐश्वर्य यादव से तीन भैंसों और उनके पड़ियों का करीब 3.20 लाख रुपये में सौदा हुआ था. 10 जून को उन्होंने चालक सलीम खान को पशुओं को लाने के लिए बरमपुर भेजा था. शिकायत में बताया गया है कि सुबह करीब 10:30 बजे चालक सलीम खान ने फोन कर जानकारी दी कि कुछ लोग बोलेरो वाहन से पहुंचे हैं और उसकी पिकअप रोककर मारपीट कर रहे हैं. आरोप है कि चालक पर दबाव बनाकर उससे यह कहलवाया गया कि वह पशुओं को कट्टीपार (वध के लिए) ले जा रहा है. इस दौरान उसका वीडियो भी बनाया गया. बाद में चालक को मक्काटोला के पास उतार दिया गया और पिकअप वाहन अपने कब्जे में ले लिया गया.
इसी घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ लोग चालक से सवाल-जवाब करते और उस पर दबाव बनाते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन शिकायत में भी चालक का वीडियो बनाए जाने का उल्लेख किया गया है.
मनोज श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि कुछ समय बाद त्रिलोक यादव के मोबाइल नंबर से उनके पास फोन आया. कॉल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि उनकी गाड़ी पकड़ ली गई है और यदि वाहन वापस चाहिए तो एक लाख रुपये लेकर भोथली मुख्य मार्ग पर पहुंचें, अन्यथा वाहन में आग लगा दी जाएगी. शिकायत के अनुसार धमकी से भयभीत होकर वह बताए गए स्थान पर पहुंचे और एक लाख रुपये दे दिए. इसके बाद चालक को मक्काटोला के पास खाली पिकअप वाहन वापस मिला. पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि भैंसों को मक्काटोला में गोविंद नामक व्यक्ति के घर बांधकर रखा गया है. बाद में पशुओं को दोबारा बरमपुर ले जाया गया. शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 15 जून को उन्हीं भैंसों और पड़ियों को मजदूर अजय यादव और आकाश यादव पैदल डोंगरगढ़ लेकर पहुंचे. बोरतलाव पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर अपराध दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.



