मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में जुलूस निकालते समय ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे करंट फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रात 11 बजे हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए।
सभी घायलों को तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। घायलों में पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। रतलाम चिकित्सा महाविद्यालय के अधिकारी डॉ. रवींद्र सोलंकी ने बताया कि अस्पताल लाए गए घायलों में तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी।
कैसे हुआ हादसा?
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ”गुरुवार रात 11 बजे ताजिये का जुलूस निकाला जा रहा था। इसे देखने के लिए डेढ़ सौ से 200 लोग इकट्ठे हुए थे। गांव के मेवाती मोहल्ला से जुलूस लेकर लोग जैसे ही आगे बढ़े तभी ताजिया हाईटेंशन लाइन के तार से टच हो गया। ताजिये में करंट फैल गया। ताजिया उठाकर ले जा रहे लोगों को करंट लगा और जोर का धमाका हुआ, जिससे वे नीचे जा गिरे। तब किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था।”
आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी राकेश पांडरो ने बताया कि करंट से झुलसे घायलों का इलाज जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं, आमतौर पर मोहर्रम जुलूस से पहले प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग द्वारा जुलूस के रूट का निरीक्षण किया जाता है। ताजियों की ऊंचाई और मार्ग में आने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या जुलूस के रूट का सही तरीके से निरीक्षण नहीं किया गया, या फिर सुरक्षा व्यवस्था में कहीं लापरवाही बरती गई? हालांकि, इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा और जिम्मेदारी भी उसी के आधार पर तय होगी।
काफी नीचे थे हाईटेंशन तार
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लाइन बहुत नीचे हैं और गांव के बीचों बीच 11 केवी हाई टेंशन लाइन के तार जा रहे हैं। फिलहाल इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, गांव में मातम का माहौल है और हर किसी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि इस हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।



