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ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट ने ली 3 मजदूरों की जान, CM साय ने दिए कड़े निर्देश

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित 3D फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने तीन मजदूरों की जान ले ली। हादसे के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के संचालन पर रोक लगा दी है। वहीं मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में फेरो अलॉय उत्पादन के दौरान फर्नेस में लान्सिंग का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भीषण था कि तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मृतक मजदूरों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही पूरे हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इधर, इस हादसे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व मंत्री शिव डहरिया को सौंपी गई है। समिति पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।

कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक हादसों में 150 से अधिक मजदूरों की जान जा चुकी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कांग्रेस ने प्रत्येक मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारों की भूमिका स्पष्ट होगी। मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।