Home व्यापार अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई टेंशन, सेंसेक्स 561 अंक टूटा; निफ्टी 24000 के...

अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई टेंशन, सेंसेक्स 561 अंक टूटा; निफ्टी 24000 के करीब फिसला

0

शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में रहा। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 561.46 अंक गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 158.95 अंक टूटकर 24,052.05 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का माहौल इतना मजबूत रहा कि एनएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही।

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई की, जबकि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर फिर से सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए। इससे वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ी और इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुश्किल

भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 84.60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों से भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। महंगा कच्चा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है, जिससे निवेशकों ने ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंस शेयरों में बिकवाली की।

इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट

आज के कारोबार में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2%, पीएसयू बैंक 1.8%, ऑटो 1.6%, बैंक 1.1% और आईटी इंडेक्स 1% तक टूट गए। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.4% और स्मॉलकैप 100 करीब 1% नीचे बंद हुआ।

इन शेयरों ने सबसे ज्यादा निराश किया

निफ्टी में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़े नुकसान वाले शेयर रहे। एचसीएल टेक के शेयरों में गिरावट की वजह कंपनी के ग्रोथ आउटलुक को लेकर ब्रोकरेज की चिंता रही। हालांकि गिरते बाजार में भी भारती एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, टीसीएस और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई और निवेशकों को कुछ राहत दी।

आगे बाजार पर रहेगी इन बातों की नजर

जब तक अमेरिका-ईरान तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और तेल की कीमतें आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।