Home देश TMC सांसद कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा, ममता बनर्जी को लगा...

TMC सांसद कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा, ममता बनर्जी को लगा एक और बड़ा झटका

0

नई दिल्ली/कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और टॉलीवुड की लोकप्रिय एक्ट्रेस कोयल मल्लिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। राज्यसभा से इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोयल मल्लिक ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात का आधिकारिक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। बता दें कि इससे पहले भी टीएमसी के राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफे दिए थे जिसके बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे की चर्चा शुरू हो गई थी।

संसद के एक भी सत्र में शामिल नहीं हुईं

आपको बता दें कि कोयल मल्लिक उर्फ रुक्मिणी मल्लिक राज्यसभा सदस्य बनने के बाद संसद के एक भी सत्र में शामिल नहीं हुईं। कोयल मल्लिक को 27 फरवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल से 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इसके बाद 16 मार्च 2026 को हुए चुनाव में वह निर्वाचित हुईं और 6 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में उन्होंने शपथ ली थी। टॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री के रूप में पहचान रखने वाली कोयल मल्लिक के राजनीति में आने को टीएमसी का बड़ा दांव माना गया था। लेकिन राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले ही उनके इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

15 साल बाद TMC ने गंवाई थी बंगाल की सत्ता

इस साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुए। करीब 15 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि बीजेपी ने 208 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाई। चुनाव परिणाम आने के लगभग एक महीने बाद, जून 2026 में टीएमसी के भीतर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया। पार्टी में बगावत हुई और संगठन दो गुटों में बंट गया। इसके बाद कई विधायकों और सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुट बना लिया, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गईं।