Home धर्म कामिका एकादशी 2026: व्रत से पहले जरूर निपटा लें ये 5 काम,...

कामिका एकादशी 2026: व्रत से पहले जरूर निपटा लें ये 5 काम, बरसेगी भगवान विष्णु की विशेष कृपा

0

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। इस साल अगस्त महीने में 2 एकादशी की तिथि है। रविवार, 9 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी और दूसरी श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी जो 24 अगस्त 2026, सोमवार के दिन पड़ रही है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा और उपासना करने से मन को शांति मिलने के साथ भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कामिका एकादशी से पहले घर की साफ-सफाई और कुछ धार्मिक अनुष्ठान को करने की अनोखी परंपरा है। ऐसा करने से घर का वातावरण सकारात्मक होने के साथ विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं 5 ऐसे कार्यों के बारे में जिन्हें कामिका एकादशी से पहला ही कर लेना चाहिए।

पूजा कक्ष की साफ-सफाई करें

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कामिका एकादशी से पहले घर की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए। घर के पूजा कक्ष में रखी भगवान की मूर्तियों को साफ कपड़े से पोंछे। पुरानी फूल, खराब मालाएं और बेकार की सामग्री हटा देनी चाहिए।

घर को व्यवस्थित करेंएकादशी से पहले अपने घर के पूजा कक्ष को साफ-सुथरा करने के साथ व्यवस्थित करना बेहद जरूरी है। खासतौर पर पूजा कक्ष, किचन, मुख्य द्वार और खिड़कियों के आसपास अच्छे से सफाई करें। माना जाता है कि, एकादशी के मौके पर स्वच्छ और साफ वातावरण में ही भगवान निवास करते हैं।

घर की टूटी-फूटी चीजों को हटा देंएकादशी से पहले इस बात का अवश्य ध्यान दें कि, घर में इस्तेमाल होने वाली कोई भी वस्तु टूटी-फूटी या खराब नहीं होनी चाहिए। कामिका एकादशी आने से पहले इन वस्तुओं को छांट कर घर से बाहर निकाल दें।

मुख्य द्वार को साफ करेंहिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा का प्रवेश द्वारा माना जाता है। इसलिए कोशिश करें कि कामिका एकादशी आने से पहले घर के सामने किसी भी तरह की गंदगी न रहने दें। अगर कूड़ा-कचड़ा या कीचड़ की स्थिति बनी रहती है, तो उसे साफ कर व्यवस्थित करें।

तुलसी का पौधा लगाएंएकादशी के मौके पर तुलसी का खास महत्व होता है। इसलिए कोशिश करें कि, कामिका एकादशी आने से पहले ही तुलसी की अच्छे से साफ-सफाई करें। इसके अलावा तुलसी का खास ख्याल रखें। सुबह और शाम स्वच्छ होकर जल डाले ताकि पौधे हरे-भरे रहे।

कामिका एकादशी अन्य एकादशियों की ही तरह अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान दान-पुण्य करने के साथ जरूरतमंदों की मदद करना धार्मिक नजरिए से शुभ माना जाता है। सभी लोगों को अपनी क्षमता के हिसाब से निर्जला नहीं तो कम से कम व्रत तो रखना ही चाहिए। अगर आप व्रत रखने में समर्थ नहीं हैं, तो विष्णु के नाम का जाप ही करें।