रायगढ़, 27 जुलाई 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक विकास एवं अधोसंरचना कार्यों के लिए डीएमएफ मद से कुल 13 कार्यों के लिए 10 करोड़ 86 लाख 53 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 12 कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्य के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये शामिल हैं।
12 गांवों में पेयजल व्यवस्था के लिए 1.30 करोड़ रुपये मंजूर
डीएमएफ मद से स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रखा गया है। कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रायगढ़ के माध्यम से कुल 12 पेयजल संबंधी कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें ग्राम गोपालपुल, विकासखंड रायगढ़ में 19.20 लाख रुपये, विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम नावागांव में 18.19 लाख रुपये, ग्राम कापू में 9.97 लाख रुपये, ग्राम कुड़ेकेला में 9.99 लाख रुपये, ग्राम किरीया में 9.98 लाख रुपये, ग्राम हाटी में 9.74 लाख रुपये, ग्राम बंधापाली में 4.53 लाख रुपये, ग्राम गोलाबुड़ा में 9.85 लाख रुपये, ग्राम बोजिया में 9.18 लाख रुपये, ग्राम-अमलीटीकरा में 9.99 लाख रुपये तथा पत्थलगांव खुर्द में 9.98 लाख रुपये एवं तमनार विकासखंड के ग्राम जीवरी में 9.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद का उपयोग स्थानीय जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है।
मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर निर्माण एवं विकास कार्य के लिए 9.56 करोड़ रुपये स्वीकृत
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायगढ़ के माध्यम से विकासखंड धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार एवं घरघोड़ा में मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर भवन निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डीएमएफ मद से स्वीकृत इस राशि से जिले में आवश्यक अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।



