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10 लाख का इनाम, 7 पिरामिड और हजारों दर्शक… गुढ़ियारी में भव्य दही हांडी उत्सव ने बांधा समां

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रायपुर : राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में भक्ति, उत्साह, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और आरती के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात तक भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा।

इस बार दही हांडी उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 7 पिरामिड और 10 लाख रुपये का पुरस्कार रहा। पुरुष दही हांडी प्रतियोगिता में 35 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया। मटकी में 50 हजार रुपये की नगद राशि रखी गई थी, जबकि दही हांडी फोड़ने वाली विजेता टीम को 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

7 पिरामिड बनाकर फोड़ी दही हांडी

पुरुष दही हांडी प्रतियोगिता के दौरान कई टीमों ने मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। मैदान में गोविंदाओं के प्रयास के साथ रोमांच लगातार बढ़ता रहा। आखिरकार एक टीम ने सात पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने में सफलता हासिल की।

महाराष्ट्र से पहुंची टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सात पिरामिड तक पहुंचने में सफलता हासिल की, लेकिन दही हांडी तक नहीं पहुंच सकी। आयोजन समिति की ओर से बसंत अग्रवाल ने महाराष्ट्र की टीम को 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।

पिछले वर्ष की विजेता सोनजरी टीम ने भी छह पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। वहीं तीन टीमों ने एक साथ मिलकर भी मटकी तक पहुंचने की कोशिश की।

महिला दही हांडी में भी दिखा उत्साह

कार्यक्रम की शुरुआत महिला दही हांडी प्रतियोगिता से हुई। महिला प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने का प्रयास किया। मटकी फोड़ने के बाद प्रतिभागियों ने उसमें रखा मक्खन खाकर जीत का जश्न मनाया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने महिला विजेता टीम को 2.5 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने महिला दही हांडी प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि दही हांडी में बेटियों की बढ़ती भागीदारी समाज में महिलाओं की मजबूत भूमिका को दर्शाती है।

बसंत अग्रवाल के संयोजन में आयोजन

विशाल दही हांडी उत्सव के आयोजन में संयोजक बसंत अग्रवाल की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब समेत कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया।

बसंत अग्रवाल ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि दही हांडी केवल मटकी फोड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, प्रेम, एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है।

बी प्राक और लखबीर लक्खा ने बांधा समां

दही हांडी उत्सव में संगीत और भक्ति का भी शानदार रंग देखने को मिला। मशहूर गायक बी प्राक, अंतरराष्ट्रीय भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका गरिमा स्वर्णा दिवाकर ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

गरिमा स्वर्णा दिवाकर की लोक प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे। वहीं बी प्राक की प्रस्तुतियों ने युवाओं समेत मौजूद दर्शकों में उत्साह भर दिया।

अंतरराष्ट्रीय भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा के मंच पर पहुंचते ही पूरा मैदान जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। उनके भजनों ने आयोजन स्थल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

मुख्यमंत्री साय ने की आयोजन की सराहना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल बताते हुए प्रदेश की धार्मिक विरासत का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

सनातन संस्कृति, गौसेवा और नशामुक्ति का संदेश

कार्यक्रम में महंत राजीव लोचन महाराज ने दही हांडी उत्सव को सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों से जोड़ते हुए गौसेवा पर जोर दिया। उन्होंने समाज को ‘एक परिवार-एक गाय’ के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

वहीं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण पर जोर दिया।

नारायण नामदेव ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और आचरण से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने सामाजिक भेदभाव खत्म कर समानता, भाईचारे और मजबूत परिवार की दिशा में काम करने का संदेश दिया।

बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी वीणा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

इस दौरान राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, ईश्वर साहू, अनुज शर्मा, महापौर मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव, आरडीए अध्यक्ष नंदकुमार साहू, भाजपा प्रदेश महामंत्री अमित साहू, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश टिकरिहा सहित कई अतिथियों ने आयोजन में शिरकत की।

बसंत अग्रवाल ने जताया आभार

आयोजन के सफल समापन के बाद बसंत अग्रवाल ने श्रद्धालुओं, अतिथियों, कलाकारों, प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों, पुलिस-प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि शहरवासियों के उत्साह और सहयोग ने दही हांडी उत्सव को यादगार बना दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी यह आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सेवा के संदेश को आगे बढ़ाता रहेगा।